खून में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करेंगी ये दवाएं
कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का बढ़ना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। बहुत से लोग दिल के रोगों का खतरा बढ़ाने वाली समस्या से परेशान हैं। कोलेस्ट्रॉल क्या है? कोलेस्ट्रॉल एक मोम की तरह दिखने वाला गंदा पदार्थ हैं, जो खून में होता है। वैसे तो कोलेस्ट्रॉल शरीर के कुछ कामों को बढ़ावा देता है लेकिन वो अच्छा कोलेस्ट्रॉल होता है। एक होता है बुरा कोलेस्ट्रॉल, जिसकी खून में मात्रा बढ़ने से आपको दिल के रोगों का खतरा हो सकता है। यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक के लिए भी एक प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है।
कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें (how to lower cholesterol) ? माना जाता है कि एक्टिव लाइफस्टाइल और हेल्दी डाइट के जरिए कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है लेकिन कई बार इनसे काम नहीं बनता है। यही वजह है कि आपको दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। बाजार में आपको कहीं भी कोलेस्ट्रॉल की दवा मिल सकती है लेकिन यह समझना जरूरी है कि कोई भी दवा लेने से पहले आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए कई दवाएं हैं, जिन्हें आप डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं।
स्टेटिन्स की श्रेणी में कोलेस्ट्रॉल की कई दवाएं हैं जैसे- एटोरवास्टेटिन (लिपिटर), फ्लुवास्टेटिन (लेस्कोल एक्स्ट्रा लार्ज), लवस्टैटिन (अल्टोप्रेव), पिटावास्टेटिन (लिवलो), प्रवास्टैटिन (प्रवाचोल), रोसुवास्टेटिन (क्रेस्टर) और सिम्वास्टैटिन (ज़ोकोर)। यह एलडीएल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करती हैं और एचडीएल को थोड़ा बढ़ाती है।
इस श्रेणी में Ezetimibe (ज़ेटिया) दवा आती है, जो एलडीएल और ट्राइग्लिसराइड्स को थोड़ा कम करती है और एचडीएल को थोड़ा बढ़ाती है। इसके साइड इफेक्ट्स में पेट दर्द, दस्त, थकान, मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान बइसे लेने से बचें।
इस श्रेणी में एलिरोक्यूमैब (प्रलुएंट) और एवोलोक्यूमैब (रेपाथा) दो दवाएं आती हैं। यह दवाएं आमतौर पर उन लोगों के लिए बेहतर हैं जिन्हें यह समस्या जेनेटिक है। या फिर हृदय रोग वाले लोग जो स्टेटिन या अन्य कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
इस श्रेणी में बेम्पेडोइक एसिड (नेक्सलेटोल) दवा आती है। यह दवा एलडीएल कम करती है। इसके साइड इफेक्ट्स में मांसपेशियों में ऐंठन और गाउट सहित जोड़ों का दर्द शामिल है।
इस श्रेणी में कोलेस्टारामिन (प्रीवालाइट) और कोलीसेवेलम (वेल्चोल) दवाएं शामिल हैं। कोलस्टिपोल (कोलेस्टिड) एलडीएल घटाती और एचडीएल को थोड़ा बढ़ा सकती है। इसके साइड इफेक्ट्स में कब्ज, सूजन, मतली, गैस और बेचैनी आदि शामिल हैं।

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