Monday, October 26th, 2026

पटना रेल यात्रियों को बड़ी राहत, नेउरा-जटडुमरी बाइपास से मालगाड़ियों का दबाव घटेगा; जानें क्या बदलेगा

 पटना
बिहार में रेल यात्रियों के लिए नए बाइपास रूट को लेकर बड़ी खबर है। नेउरा-जटडुमरी रेलखंड को परिचालन की मंजूरी मिलने के बाद पटना के व्यस्त रेलमार्ग को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पटना जंक्शन से सभी ट्रेनें गुजरना बंद हो जाएंगी।

नई रेललाइन से मुख्य रूप से मालगाड़ियों को पटना बाइपास करके चलाने की सुविधा मिलेगी, जबकि भविष्य में कुछ यात्री और पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं भी बनेंगी।

साथ ही आपको बता दे कि पटना जक्शन पर तभी ट्रेने नहीं रुकेगी जब ब्लॉक या ट्रेन वहां नहीं रुकती हो, बाकि समय ट्रेने हमेशा की तरह रुकेगी।

सभी ट्रेनें नहीं होंगी डायवर्ट, चुनिंदा ट्रेनों पर ही नजर
नेउरा-दनियावां रेललाइन को लेकर यात्रियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली-हावड़ा रूट की सभी ट्रेनें अब पटना जंक्शन आना बंद कर देंगी। ऐसा नहीं है। नई लाइन का प्रमुख उद्देश्य मालगाड़ियों को वैकल्पिक रास्ता देना और व्यस्त मुख्य रेलखंड पर दबाव कम करना है।

यात्री ट्रेनों को इस रूट से चलाने का फैसला रेलवे की परिचालन योजना के अनुसार होगा। इसलिए पटना जंक्शन, दानापुर या राजेंद्रनगर में ठहरने वाली सभी ट्रेनों के बंद होने की खबर को सही नहीं मानें।

नेउरा से जटडुमरी, दनियावां होते हुए मिलेगा वैकल्पिक रास्ता
नई रेललाइन के जरिए ट्रेनें नेउरा से जटडुमरी, दनियावां, बिहारशरीफ, बरबीघा और शेखपुरा होते हुए किऊल की ओर जा सकेंगी। इससे उन मालगाड़ियों को पटना के व्यस्त रेलखंड से होकर गुजरने की जरूरत नहीं होगी, जिन्हें पटना या दानापुर में माल उतारना नहीं है।

इस वैकल्पिक मार्ग से दानापुर-पटना-किऊल-झाझा रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

कुछ पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की भी बढ़ेगी संभावना
नई रेललाइन से केवल मालगाड़ियों का रास्ता बदलने का ही फायदा नहीं होगा। मुख्य रेलखंड पर जगह उपलब्ध होने से भविष्य में अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की संभावना भी बढ़ सकती है।

इस रूट के आसपास रहने वाले यात्रियों को नए स्टेशन और हॉल्ट से सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कौन-सी पैसेंजर ट्रेन कब से चलेगी और किन स्टेशनों पर रुकेगी, इसकी जानकारी रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

पटना जंक्शन पर ट्रेनों के दबाव में आएगी कमी
दानापुर-पटना-किऊल-झाझा रेलखंड दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग का महत्वपूर्ण और व्यस्त हिस्सा है। इस पर मालगाड़ियों की आवाजाही के कारण कई बार यात्री ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ता है।

वैकल्पिक बाइपास शुरू होने से मालगाड़ियों के लिए अलग रास्ता उपलब्ध होगा। इससे सिग्नल और आउटर पर इंतजार कम करने तथा यात्री ट्रेनों के परिचालन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

नेउरा, जटडुमरी और दनियावां के यात्रियों को भी फायदा
नई रेललाइन से पटना, नालंदा, शेखपुरा और लखीसराय के बीच रेल संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। नेउरा-जटडुमरी के बीच गोनपुरा स्टेशन और अधपा, चामाचक तथा वाजिदपुर हॉल्ट बनाए गए हैं।

इन इलाकों के यात्रियों को भविष्य में नई ट्रेन सेवाएं मिलने पर लंबी दूरी की यात्रा के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर आवागमन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 

#Patna rail

Source : Agency

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