Wednesday, October 21st, 2026

ओबीसी वर्ग के साथ हो रहे अन्याय, अत्याचार, विभिन्न मांगों को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम पर निवास तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

मंडला
मंडला जिले के विकासखंड निवास मुख्यालय मैं ओबीसी वर्ग के साथ हो रहे अन्याय अत्याचार की उच्च स्तरीय जांच कर ओबीसी वर्ग के विभिन्न मांगों का निराकरण करने को लेकर निवास तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया है।  यह है कि संविधान में सामाजिक तथा शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हुए समुदायों को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्गों के रूप में 3 वर्ग बन बनाए गए हैं। वहीं जनगणना में इन तीनों वर्गों की दशाओं के आंकड़े एकत्रित किए जाने चाहिए, लेकिन अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग की जनगणना तो होती है किंतु अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना नहीं होती है, क्योंकि जनगणना फॉर्मेट में ओबीसी का कालम नहीं होता है।

उन्होंने कहा संविधान के अनुच्छेद 340 के परिपालन में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए गठित आयोगों ( काका कालेकर आयोग, मंडल आयोग व मध्य प्रदेश राम जी महाजन आयोग) द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना कराए जाने वावत अनुशंसा की गई है। तदनुसार इस हेतु संसद में बनी सहमति के आधार पर जनगणना 2011 में प्रथक से अन्य पिछड़ा वर्ग के आंकड़े एकत्र करने प्रयास किए गए किंतु आंकड़े जारी नहीं किए गए। ओबीसी महासभा द्वारा अनेकों बार जनगणना 2021 के फॉर्मेट में ओबीसी का कालम बनवाएं, जिससे सरकार से अपील करते हुए ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष अशोक नामदेव, ओबीसी प्रदेश युवा मोर्चा सतीश साहू, ओबीसी ब्लॉक अध्यक्ष राधेश्याम यादव, ओबीसी नगर परिषद अध्यक्ष संजय रजक, जिला कार्यवाहक आशीष विश्वकर्मा, जिला अध्यक्ष सत्येंद्र सिघरोरे, जिला उपाध्यक्ष आशीष सिंगरहा, ब्लॉक कार्यकारिणी सदस्य शरद कछवाहा, कार्यकारिणी सदस्य बब्बी कछवाहा, गोपाल सिंगरौरे, रामकुमार वर्मन आदि उपस्थित रहे।।

 

#Memorandum submitted

Source : Agency

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