आंगनवाड़ी को समाज से जोड़कर पोषण अभियान को जनआंदोलन बनाएं : मंत्री सुश्री भूरिया
भोपाल
प्रदेश में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का बुधवार को इंदौर से राज्य स्तरीय शुभारंभ हुआ। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के साथ 8 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि स्वस्थ बच्चे ही प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप पोषण को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बनाने की जरूरत है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को अभिभावकों, सरपंचों, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों तथा सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं से जोड़ा जाए। समाज की सक्रिय भागीदारी से आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए प्रयोग करने तथा सफल नवाचारों को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करने का भी आह्वान किया, जिससे दूसरे केंद्र भी उनसे प्रेरणा ले सकें।उन्होंने कहा कि पोषण माह के दौरान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा दिया जाएगा। गर्भवती और धात्री माताओं को पौष्टिक भोजन, स्वच्छता और बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूक करने के साथ कुपोषण की रोकथाम पर विशेष ध्यान रहेगा। मंत्री ने बताया कि विभाग ने आंगनवाड़ी भवनों की उपलब्धता बढ़ाने, मिनी आंगनवाड़ियों को मुख्य आंगनवाड़ी में उन्नयन करने और कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के प्रयास किए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
चार संस्थाओं के साथ एमओयू
पोषण माह के शुभारंभ अवसर पर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए चार संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन भी किए गए। अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन , एम्स , आईपीई ग्लोबल और नई दिशा फाउंडेशन के साथ हुए एमओयू के माध्यम से बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ सामाजिक संस्थाओं और अन्य संगठनों की भागीदारी से पोषण एवं बाल विकास के अभियान को नई ताकत मिलेगी।
राज्यसभा सांसद डॉ. कविता पाटीदार ने कहा कि ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पोषण को केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और उसमें मौजूद पोषक तत्वों पर भी बराबर ध्यान जरूरी है। उन्होंने पोषण ट्रैकर, वन स्टॉप सेंटर और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने की जरूरत बताई। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और सांसद श्री शंकर लालवानी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
स्थानीय अनाज और पारंपरिक व्यंजनों पर जोर
पोषण माह के शुभारंभ पर लता मंगेशकर सभागृह परिसर में पोषण मेला और रेसिपी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। यहां टेक होम राशन (THR), गर्म पका भोजन (HCM), स्थानीय दालों, चना, मूंगफली, सोया, दूध एवं दुग्ध उत्पादों, मिलेट्स और मौसमी सब्जियों से तैयार पौष्टिक व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया। ‘नो योर प्रोटीन —अपने प्रोटीन को पहचानें’ अभियान के जरिए परिवारों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रोटीन के स्रोतों और संतुलित आहार के महत्व की जानकारी दी गई।
पोषण माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को स्थानीय और विविधतापूर्ण ताजा नाश्ता तथा गर्म पका भोजन उपलब्ध कराने के साथ उसकी गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता की निगरानी में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। केंद्रों पर साप्ताहिक मेन्यू बोर्ड भी लगाए जाएंगे, इससे अभिभावकों और समुदाय को बच्चों को दिए जा रहे भोजन की जानकारी मिल सके। अभियान के तहत बच्चों की शारीरिक माप, पोषण संबंधी जागरूकता, रेसिपी प्रदर्शन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए विशेष गतिविधियां भी संचालित होंगी।

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