Wednesday, October 21st, 2026

वकील हरीश साल्वे ने दावा किया- विनेश फोगाट चाहती ही नहीं थीं खेल पंचाट में उनके खिलाफ लिए गए फैसले को हम चुनौती दें

हरियाणा
वकील हरीश साल्वे ने पेरिस ओलंपिक को लेकर दावा किया है कि विनेश फोगाट चाहती ही नहीं थीं खेल पंचाट में उनके खिलाफ लिए गए फैसले को हम चुनौती दें। दरअसल, खेल पंचाट ने ही पहलवान विनेश फोगाट को 7 अगस्त को पेरिस ओलंपकि में महिलाओं के 50 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल के ठीक पहले 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के चलते अयोग्य घोषित कर दिया था, जिसके कारण पहलवान विनेश फोगाट फाइनल से बाहर हो गई थीं। यह पहली बार था, जब भारत की कोई महिला पहलवान ओलंपिक के फाइनल में पहुंची हो।

हरीश साल्वे का यह बयान विनेश के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जब ओलंपिक संघ ने उनको फाइनल के ठीक पहले अयोग्य घोषित किया तो उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ की तरफ से कोई समर्थन नहीं मिला। हमारे जो वकील थे वह उस फैसले को लेकर पहले से ही उदार दिख रहे थे। इन सभी कारणों से ही उन्हें ओलंपिक में भारत का पहलवानी का पहला गोल्ड नहीं मिल सका। हालांकि विनेश भारतीय ओलंपिक संघ और विनेश फोगाट की तरफ से इस फैसले के खिलाफ अपील की गई थी, जिसमें हरीश साल्वे ने ही वकील के रूप में उनका प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया और विनेश को बिना पदक के ही वापस लौटना पड़ा ।

 

#Harish Salve's big claim regarding Paris Olympics

Source : Agency

पाठको की राय