Saturday, October 31st, 2026

जाने क्या है ब्लैडर कैंसर के लक्षण और बचाव के तरीके

मूत्राशय (Bladder) आपके निचले पेट में एक खोखला पेशीय अंग है जो मूत्र को जमा करता है। इसमें होने वाले कैंसर को Bladder Cancer कहा जाता है। यह एक सामान्य प्रकार का कैंसर है। यह मूत्राशय की कोशिकाओं में शुरू होता है। अधिकांश मूत्राशय के कैंसर का निदान प्रारंभिक अवस्था में ही किया जा सकता है। लेकिन प्रारंभिक चरण में उपचार के बाद भी मूत्राशय के कैंसर वापस आ सकता है। इस कारण से, मूत्राशय के कैंसर वाले लोगों को आमतौर पर उपचार के बाद वर्षों तक फॉलो-अप की आवश्यकता होती है ताकि कैंसर दुबारा न हो सके। यह कई कारणों से हो सकता है जिसमें एक है पीने के पानी का गंदा सोर्स। यदि आप गंदे नल के पानी का सेवन करते हैं तो अपको इसका खतरा हो सकता है।

प्रो. यू वेनझेंग की टीम द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन में इस जोखिम पर प्रकाश डाला गया है। ऐसे स्रोत से नियमित रूप से पानी पीने से जिसमें आर्सेनिक या क्लोरीन होता है, मूत्राशय के कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकता है। इसके जोखिम को कम करने के लिए वैज्ञानिकों ने पीने के पानी की सेफ्टी को बढ़ाने के लिए ओजोन बायोफिल्ट्रेशन और नैनोफिल्ट्रेशन जैसे स्थायी समाधान सुझाए है। रिसर्च सेंटर फॉर इको-एनवायरनमेंटल साइंस ऑफ द चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया यह अध्ययन नेचर सस्टेनेबिलिटी में प्रकाशित हुआ था।

​कैसे करें मूत्राशय में कैंसर का निदान

    जल्दी-जल्दी पेशाब आना
    मूत्र त्याग करने में दर्द
    पीठ दर्द
    मूत्र में रक्त

​किन लोगों को ज्यादा है खतरा

अधिक उम्र के लोगों में मूत्राशय कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। लगभग 90% लोगों में इसका निदान 55 वर्ष से अधिक उम्र के होते हैं। वहीं, पुरुषों में महिलाओं की तुलना में मूत्राशय कैंसर विकसित होने की संभावना अधिक होती है। इसके अलावा कैंसर का व्यक्तिगत और पारिवारिक का इतिहास होने से पर इसका खतरा बना रहता है।

​कब बढ़ जाता है ब्लैडर कैंसर का जोखिम

    सिगरेट, सिगार या पाइप पीने से मूत्राशय के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
    आर्सेनिक, रंजक, रबर, चमड़ा, वस्त्र और पेंट उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले रसायन मूत्राशय के कैंसर के जोखिम को बढ़ा देते हैं।
    कैंसर के उपचार में इस्तेमाल किए जाने वाली दवा साइक्लोफॉस्फेमाइड से मूत्राशय के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
    बार-बार होने वाले मूत्र संक्रमण या सूजन (सिस्टिटिस) से ब्लैडर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

​कैसे करें बचाव

    रसायनों के संपर्क में आने से बचें। ऐसे में सार्वजनिक नलों का उपयोग करने भी इस खतरे को बढ़ा सकता है।
    धूम्रपान न करें। यदि करते हैं तो छोड़ने की कोशश करें।
    विभिन्न प्रकार के रंगीन फलों और सब्जियों से भरपूर आहार चुनें।
    हालांकि, मूत्राशय के कैंसर को रोकने का कोई शर्तिया तरीका नहीं है, लेकिन आप अपने जोखिम को कम करने के लिए ये कदम उठा सकते हैं।

​डॉक्टर को कब दिखाएं

यदि आप आपके मूत्र का रंग फीका पड़ गया है और आप चिंतित हैं कि इसमें रक्त हो सकता है, तो इसकी जांच के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। यदि आपके पास अन्य संकेत या लक्षण हैं जो आपको चिंतित करते हैं, तो अपने डॉक्टर से भी संपर्क करें।

 

Source : Agency

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