गृह निर्माण मंडल के 1.38 लाख आवंटि कर सकेंगे ऑन लाइन भुगतान : अध्यक्ष आशुतोष तिवारी
भोपाल
कहीं से भी और कभी भी
म.प्र. गृह निर्माण मंडल द्वारा अपने एक लाख 38 हजार आवंटियों को सुरक्षित एवं पारदर्शी सुविधाएँ देने के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की जा रही है। मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने आज पर्यावास भवन में हुई संचालक मंडल की बैठक में चार सुविधाओं का ऑनलाइन शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि आवंटि अब घर बैठे कहीं से भी और कभी भी की तर्ज पर अपने स्वत्वों का ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे। अध्यक्ष तिवारी द्वारा ऑनलाइन प्रथम अदेय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले विपिन अग्रवाल एवं प्रथम ऑन लाइन भारमुक्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने पर भरत धनेलिया को भौतिक रूप से प्रशंसा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
आवंटियों को प्राप्त ऑनलाइन सुविधाएँ
भवन निर्माण (आवासीय) हेतु अनापत्ति
भवन निर्माण (व्यावसायिक) हेतु अनापत्ति
भवन निर्माण (अन्य) हेतु अनापत्ति
नो-ड्यूज/भार मुक्त प्रमाण-पत्र
7761 आवंटियों ने किया ऑनलाइन भुगतान
आयुक्त गृह निर्माण मंडल भरत यादव ने बताया कि इन चार सुविधाओं में भवन निर्माण आवासीय, व्यवसायिक भवन निर्माण, अन्य प्रकार के भवन निर्माण एवं भार मुक्त ऑनलाइन प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही ऑन लाइन भुगतान की सुविधा मिलने से आवंटि पारदर्शिता के साथ बिना लंबी लाइनों में लगे अपने स्वत्वों का भुगतान कर सकेंगे। वर्ष 2021-22 में मंडल के 7761 आवंटियों द्वारा ऑनलाइन अपने देय स्वत्वों का घर बैठे भुगतान किया। उन्होंने बताया कि आवंटियों की सुविधा के लिए मुख्यालय स्तर पर वॉटसअप हैल्प डेस्क स्थापित किया गया है, जिससे आवंटियों को आने वाली समस्याओं का निराकरण हेल्प डेस्क के माध्यम से किया जा रहा है।
19 दैनिक वेतन भोगी हुए स्थाईकर्मी
अध्यक्ष आशुतोष तिवारी और आयुक्त गृह निर्माण मंडल भरत यादव द्वारा म.प्र. गृह निर्माण मंडल के पूर्व 19 दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को नियमित किया जाकर नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने बताया कि 51 दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को शासन के आदेशानुसार सेवा से पृथक किया गया था। श्रम न्यायालय में दायर वाद के बाद प्रकरण में समझौते के तहत प्रथम चरण में 51 में से 19 कर्मियों को आज नियमित किया गया है। शेष प्रकरण विचाराधीन हैं, जिन पर आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि स्थायी कर्मियों को निर्धारित वेतनमान, उपादान, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वेतन भुगतान की पात्रता, नवीन पेंशन योजना एवं नियमानुसार अवकाश की पात्रता होगी।

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