विश्वकर्मा पूजा आज, जानिए पूजा विधि, महत्व और कथा
नई दिल्ली
इंजीनियरिंग और कला के देवता भगवान विश्वकर्मा जयंती के मौके पर आज देशभर में विश्वकर्मा पूजा की जाएगी। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को विश्वकर्मा पूजा का त्योहार मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन ही ऋषि विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। इस साल विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 20217 को जाएगी। आज के दिन इंजीनियरिंग संस्थानों व फैक्ट्रियों, कल-कारखानों व औजारों की पूजा की जाती है।
विश्वकर्मा पूजा विधि:
आज के दिन ऑफिस, फैक्ट्री, वर्कशॉप, दुकान आदि के मालिक सुबह स्नान आदि करके भगवान की विश्वकर्मा की प्रतिमा व यंत्रों व औजारों की विधिपूर्वक पूजा करते हैं। जानिए पूजा विधि:- पूजा शुरू करने से पहले पूजा स्थल पूजा चौकी पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित करें। अब कलश को हल्दी और चावल के साथ रक्षासूत्र चढ़ाएं, इसके बाद पूजा मंत्र 'ॐ आधार शक्तपे नम: और ॐ कूमयि नम:', 'ॐ अनन्तम नम:', 'पृथिव्यै नम:' का जप करना चाहिए।
अब जिन चीजों की पूजा करनी है, उनपर हल्दी अक्षत और रोली लगाएं. अब भगवान विश्वकर्मा को अक्षत, फूल, चंदन, धूप, अगरबत्ती, दही, रोली, सुपारी, रक्षा सूत्र, मिठाई, फल आदि अर्पित करें। धूप दीप से आरती करें। ये सारी चीजें उन हथियारों पर भी चढ़ाएं जिनकी पूजा करनी है। पूजा के अंत में भगवान विश्वकर्मा को प्रणाम करें और लोगों को प्रसाद बांटें।

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