यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में सेंधमारी का प्रयास, कई सॉल्वर गैंग एक्टिव
मेरठ
पूछताछ में रविकांत ने बताया कि फिरोजाराबाद के मठसैना छड़ीछिपनी निवासी धर्मेंद्र के साथ उसका परिचय कुछ समय पूर्व हुआ था। धर्मेंद्र ने बताया कि वह सॉल्वर गैंग के साथ मिलकर काम करता है और सरकारी नौकरियों में अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाकर मोटी रकम वसूल लेते हैं। रवि ने बताया कि उसे भी मोटी रकम का लालच देकर धर्मेंद्र ने साथ मिला लिया।
आगरा में की तैयारी
रवि ने बताया कि धर्मेंद्र के कहने पर उसके साथ काम करने लगा। इसके बाद नौकरी से अनुपस्थित होकर उसने आगरा में भगेल मंदिर सब्जी मंडी के पास एक कोचिंग सेंटर में दरोगा भर्ती परीक्षा के लिए कोचिंग शुरू की। बताया कि शुक्रवार को वह आगरा से नोएडा परीचौक पहुंचा। यहां से धर्मेंद्र कार से मेरठ पहुंचा था। रात कार में बिताई और सुबह परीक्षा देने पहुंच गया।
यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में लगातार सेंधमारी का प्रयास किया जा रहा है। कई सॉल्वर गैंग इस काम में एक्टिव हैं और अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाए जा रहे हैं।
जानी पुलिस ने ही सॉल्वर गिरोह के दो सदस्यों को 4 दिन पहले गिरफ्तार किया था। इसके बाद कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में भी यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान दो आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी। खुलासा हुआ कि आरोपी विश्नोई गैंग के सदस्य हैं और 8 से 10 लाख रुपए में यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा पास कराने का ठेका लेते हैं। वही, शनिवार को भी जानी पुलिस ने एक सॉल्वर की गिरफ्तारी की है। आरोपी से पूछताछ के बाद खुलासा हुआ कि वह यूपी पुलिस में सिपाही है और सॉल्वर गैंग से मिलकर काम कर रहा है। गिरफ्तार सिपाही एक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने के लिए आया था। मामले में छानबीन के लिए एसओजी और एसटीएफ मेरठ को लगाया गया है।

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