Tuesday, October 20th, 2026

पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी, जीएसटी के दायरे में लाने का विरोध करेंगे ये राज्य

 नई दिल्ली 
केरल ने कहा है कि वह पेट्रोल और डीजल को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने के किसी भी कदम का पुरजोर विरोध करेगा, क्योंकि इससे राज्य के राजस्व संग्रह पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।  राज्य ने कहा कि इसके बजाए केंद्र को आम लोगों को राहत देने के लिये ईंधन पर केंद्रीय करों को कम करना चाहिए। इस बीच आज पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार 12वें दिन भी कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में आज इंडियन ऑयल के पंप पर पेट्रोल 101.19 रुपये प्रति लीटर औैर डीजल 88.62 रुपये प्रति लीटर पर रहा। बता दें सरकार पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा हुआ तो देश भर में पेट्रोल के भाव 75 रुपये और डीजल के भाव 68 रुपये प्रति लीटर तक आ सकता है।

पुरजोर विरोध करेगा केरल
पेट्रोल और डीजल के खुदरा बिक्री मूल्य में केंद्रीय उत्पाद शुल्क और वैट (मूल्य वर्धित कर) आधे के करीब योगदान है। ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने से राज्यों के राजस्व संग्रह पर असर पड़ेगा। केरल के वित्त मंत्री के एन बालागोपाल ने पीटीआई-भाषा से कहा कि अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर कोई कदम उठाया जाता है, राज्य उसका पुरजोर विरोध करेगा।

उन्होंने कहा कि ईंधन के दाम में तेजी का कारण केंद्र की तरफ से उपकर में वृद्धि है। अगर केंद्र इस उपकर को कम कर दे, इससे पेट्रोल और डीजल के दाम नीचे लाने में मदद मिलेगी।   बालागोपाल ने कहा कि अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है, राज्य को सालाना 8,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। जीएसटी परिषद की आज लखनऊ में बैठक होने वाली है।

 

#पेट्रोल-डीजल सस्ता

Source : Agency

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