गोरखपुर पुलिस की पिटाई से मरने के 53 घंटे बाद हुआ मनीष गुप्ता का अंतिम संस्कार
कानपुर
गोरखपुर में पुलिस की पिटाई से मरने वाले कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता का अंतिम संस्कार मौत के 53 घंटे बाद गुरुवार सुबह हुआ। कंपकंपाते हाथों से मृतक के चाचा बृजकिशोर गुप्ता ने मनीष को मुखाग्नि दी। इससे पहले, बुधरात देर रात कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण समेत कई आला अधिकारी मनीष के घर पहुंचे और उनकी पत्नी मीनाक्षी से बात की। इस दौरान असीम अरुण ने कहा कि गुरुवार को परिवार की सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई जाएगी, जिसके बाद पीड़ित परिजनों मनीष के अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। आपको बता दें कि बीते सोमवार की रात गोरखपुर में पुलिस द्वारा पीट-पीटकर मनीष गुप्ता की हत्या कर दी गई थी।
दरअसल, मनीष गुप्ता अपने दो दोस्त हरदीप सिंह चौहान और प्रदीप सिंह चौहान के साथ सोमवार सुबह गोरखपुर आए थे। यहां उनके दोस्त चंदन सैनी और राणा प्रताप चंद ने उन्हें गोरखपुर घुमाने के लिए बुलाया था। मनीष हरदीप और प्रदीप के साथ रामगढ़ताल इलाके में होटल कृष्णा पैलेस के रूम नंबर 512 में ठहरे थे। हरदीप ने बताया कि सोमवार रात 12:30 बजे पुलिस होटल में चेकिंग करने पहुंची। मनीष को सोते हुए जगाया तो उन्होंने पूछा इतनी रात में चेकिंग किस बात की हो रही है। क्या हम आतंकी हैं? इस पर पुलिस वालों ने उसे पीटना शुरू दिया। इसके बाद घायल मनीष को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तीन नामजद समेत छह पुलिसवालों पर हत्या का केस दर्ज
प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर मंगलवार देर रात पुलिस ने इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्र और सब इंस्पेक्टर विजय यादव पर नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। केस दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार हैं। इससे पहले एसएसपी ने इस मामले में इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा, एसआई विजय यादव, एसआई राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव, कांस्टेबल प्रशांत कुमार को निलम्बित कर मामले की जांच एसपी नार्थ को सौंपी थी।

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