Monday, October 19th, 2026

उदया तिथि में कब रखा जाएगा परिवर्तनी एकादशी व्रत 

 नई दिल्ली 
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तनी एकादशी या पद्मा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल परिवर्तनी एकादशी 17 सितंबर 2021, शुक्रवार को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी व्रत रखने से भगवान विष्णु के साथ माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है। घर में किसी प्रकार की कमी नहीं रहती है।

पापों से मुक्ति दिलाती है एकादशी
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी से योग निद्रा में चले जाते हैं और परिवर्तनी एकादशी के दिन करवट बदलते हैं। करवट बदलने से भगवान विष्णु का स्थान परिवर्तन होता है। इसलिए इसे परिवर्तनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन व्रत और पूजन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि एकादशी व्रत रखे से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

परिवर्तनी एकादशी शुभ मुहूर्त-

हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 16 सितंबर, गुरुवार को सुबह 09 बजकर 39 मिनट से शुरू होगी, जो कि 17 सितंबर की सुबह 08 बजकर 08 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। 16 सितंबर को एकादशी तिथि पूरे दिन रहेगी। उदया तिथि में व्रत रखने की मान्यता के अनुसार परिवर्तनी एकादशी व्रत 17 सितंबर, शुक्रवार को रखा जाएगा।

 

1. शास्त्रों में सभी 24 एकादशियों में चावल खाने को वर्जित माना गया है। मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से इंसान रेंगने वाले जीव योनि में जन्म लेता है। इस दिन भूलकर भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने के साथ ही खान-पान, व्यवहार और सात्विकता का पालन करना चाहिए।
3. कहा जाता है कि एकादशी के पति-पत्नी को ब्रह्नाचार्य का पालन करना चाहिए।
4. मान्यता है कि एकादशी का लाभ पाने के लिए व्यक्ति को इस दिन कठोर शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही लड़ाई-झगड़े से भी बचना चाहिए।
5. एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठना शुभ माना जाता है और शाम के समय नहीं सोना चाहिए।

 

#एकादशी व्रत 

Source : Agency

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