Monday, October 19th, 2026

योगी सरकार का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान, यूपी में बनेंगे 8 नए लिंक एक्सप्रेसवे; खर्च होंगे ₹67,800 करोड़

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड, गंगा, पूर्वांचल, गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के बाद अब सरकार इन एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने की तैयारी कर रही है. उत्तर प्रदेश सरकार अब राज्य में एक्सप्रेसवे ग्रिड बनाने वाली है. यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक्सर्सेवे नेटवर्क की ग्रिड कनेक्टिविटी के लिए 67800 करोड़ रुपये मंजूर किया है. इससे 932 किलोमीटर के 8 नए लिंक एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तैयार होगा. बता दें कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे का ग्रिड बनेगा। 

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे
बता दें कि झांसी लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन का है. ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को सीधा झांसी और बीडा इंडस्ट्रियल सिटी से जोड़ता है. ये 118.9 किलोमीटर का सर्वे हो सकता है. इसकी निर्माण लागत 5000 करोड़ है, जो भूमि अधिग्रहण सहित 7968 करोड़ रुपये हो सकती है. बताया जा रहा है कि इसका निर्माण कार्य तीन साल में पूरा होगा। 

जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे
जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है, जो जेवर में नोएडा एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे को बुलंदशहर के रास्ते 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. इससे वेस्ट यूपी, मेरठ और दिल्ली सहित पूरे एनसीआर की जेवर एयरपोर्ट से सीधी हाईस्पीड कनेक्टिविटी होगी. करीब 75 किलोमीटर में लगभग 9 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड होगा. इसे तैयार होने में ढाई से तीन साल लगेगा। 

उत्तर प्रदेश में बिछेगा एक्सप्रेसवे का जाल.

लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे
लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन का है, जो 294 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को 341 किलोमीटर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को लखनऊ शहर के बाहर जोड़ेगा. इससे दिल्ली-नोएडा से आगरा होते हुए गाजीपुर, बिहार जाने वाले वाहनों को लखनऊ के ट्रैफिक से मुक्ति मिलेगी. 51 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे की लागत 4776 करोड़ है। 

फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे
फर्रुखाबाद का यह 6 लेन का लिंक एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद से जोड़ते हुए शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ेगा. 91 किलोमीटर के लिंक एक्सप्रेसवे की लागत 5500 से 6000 करोड़ रुपये है. यह कॉरिडोर इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई और शाहजहांपुर को राज्य के दो मुख्य एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। 

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट को चित्रकूट धाम और एमपी बॉर्डर से जोड़ेगा. 15 किलोमीटर के लिंक एक्सप्रेसवे की लागत 800 करोड़ रुपये है. 30 अक्तूबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के साथ दो से ढाई साल में ये पूरा होगा। 

विंध्य एक्सप्रेसवे का रूट
यह 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रयागराज से मिर्जापुर, भदोही होते हुए सोनभद्र से सिंगरौली, एमपी बॉर्डर तक जाएगा. ये गंगा एक्सप्रेसवे के प्रयागराज टर्मिनल और बुंदेलखंड, पूर्वांचल के साथ विंध्य क्षे6 के खनन-ऊर्जा हब को लखनऊ और दिल्ली से सीधे जोड़ेगा. 320 से 333 किलोमीटर के विंध्य एक्सप्रेसवे की लागत 25 हजार करोड़ रुपये है. 4 सालों में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। 

विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे
6 लेन का ये लिंक एक्सप्रेसवे विंध्य एक्सप्रेसवे को वाराणसी-गाजीपुर क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. सोनभद्र, मिर्जापुर और वाराणसी को गाजीपुर, हलिया और बिहार बॉर्डर तक कनेक्टिविटी मिलेगी. 117 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे 7500-8000 करोड़ खर्च होंगे. ये तीन साल में पूरा होगा। 

हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे
हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है. वेस्ट यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे के छोर मेरठ और मुजफ्फरनगर को उत्तराखंड बॉर्डर और हरिद्वार, रुड़की से कनेक्ट करेगा. यह दिल्ली-नोएडा और यूपी के यात्रियों को उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों तक तेज कनेक्टिविटी देगा. करीब 120 से 146 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे पर 10 हजार 500 करोड़ रुपये लागत आ सकती है. इसको पूरा होने में तीन साल लगेगा। 

 

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Source : Agency

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