Tuesday, October 20th, 2026

शरीर के लिए बेहद फायदेमंद योगा, जानें इन्हें करने का सही तरीका


दुनिया भर में आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। लोगों को अपने सेहत के प्रति जागरुक करने और प्रकृति से जोड़ने के लिए ये दिन मनाजा जाता है। योग हमें बैठने का तरीका, प्राणायाम तथा ध्यान करना सिखाता है। नियमित रूप से योग करने वाले को इसके कई लाभ मिलते हैं। योग से स्वास्थ में लाभ, मानसिक शक्ति, शारीरिक शक्ति, बीमारियों से बचाव और शरीर का शुद्ध होना जैसे कई लाभ हमें योग से मिलते हैं। आइए जानते हैं योगासनों और उन्हें करने के सही तरीके के बारे में।

अर्ध चन्द्रासन

इस आसन को करते समय शरीर की स्थिति अर्ध चंद्र जैसी हो जाती है इसलिए इसे अर्धचन्द्रासन कहते हैं। अर्ध का अर्थ होता है आधा और चंद्रासन अर्थात चंद्र के समान किया गया आसन। इस आसन को खड़े होकर किया जाता है। यह आसन सामान्य स्ट्रेचिंग और बैलेंसिंग पोज है जो खासकर कमर के निचले हिस्से, पेट और सीने के लिए लाभदायक है। इस आसन को करने से तनाव दूर हो जाता है।

अर्धचंद्रासन का सही तरीका

इसे करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों की एड़ी-पंजों को मिलाकर खड़े हो जाएं। दोनों हाथ कमर से सटे होने चाहिए और अपनी गर्दन सीधी रखें। फिर धीरे-धीरे दोनों पैरों को एक दूसरे से करीब एक से डेढ़ फीट की दूरी पर रखें। ध्यान रहे कि इस आसन का अभ्यास करते वक्त आपका मेरुदंड सीधा रहे। इसके उपरांत दाएं हाथ को उपर उठाएं और कंधे के समानांतर लाएं। आपकी हथेली का रुख आसमान की ओर होना चाहिए, इसे करते समय ध्यान रहे कि आपका बायां हाथ आपकी कमर पर ही रहे। अब बार्इं ओर झुकें, इस दौरान आपका बायां हाथ स्वयं ही नीचे खिसकता जाएगा। याद रहे कि बाएं हाथ की हथेली को बाएं पैर से अलग न हटने पाए। इसी स्थिति में 30-40 सेकंड तक रहे, फिर धीरे धीरे सामान्य स्थिति में आएं। अगर इसे पहली बार कर रहे है तो जितना हो सके उतना ही झुकें। यही प्रक्रिया दूसरी तरफ भी करें।

भुजंगासन

इस आसन से रीढ़ की हड्डी में मजबूती और लचीलापन बढ़ता है। ये शरीर के सभी अंगों के काम करने की क्षमता बढ़ता है। इसे करने के लिए सबसे पहले अपने पेट के बल से लेट जाएं। अब अपने हथेलियों को अपने कंधे की सीध में ले कर आएं। इस दौरान अपने दोनों पांवों के बीच की दूरी को कम करें साथ ही पांव को सीधा तथा तना हुआ रखें। अब सांस भरते हुए बॉडी के अगले हिस्से को नाभि तक उठाएं। इस दौरान ध्यान रखें कि अपनी कमर के ऊपर ज्यादा स्ट्रेच न आ पाए। अपनी क्षमता अनुसार अपनी इस अवस्था को बना कर रखें. योग का अभ्यास करते समय धीमे धीमे सांस भरें और फिर छोड़ें। शुरुआती मुद्रा में वापस आते समय एक गहरी सांस को छोड़ते हुए वापसी करें। इस तरह इस आसन का एक पूरा चक्र खत्म हुआ।

नटराज आसन

नटराज आसन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है। यह आपके शरीर की मुद्रा में सुधार करता है और शरीर के संतुलन को बढ़ाता है। शुरुआत में इसे करने में थोड़ा कठिनाई आ सकती है परंतु इसके नियमित अभ्यास से इसे आसानी से किया जा सकता है। सबसे पहले आराम की मुद्रा में खड़े हो जाएं। शरीर का भार बाएं पैर पर स्थापित करें और दाएं घुटने को धीरे धीरे मोड़ें और पैर को जमीन से ऊपर उठाएं। दाएं पैर को मोड़कर अपने पीछे ले जाएं, दाएं हाथ से दाएं टखने को पकड़ें, बाएं बांह को कंधे की ऊंचाई में उठाएं। सांस छोड़ते हुए बाएं पैर को जमीन पर दबाएं और आगे की ओर झुकें। दाएं पैर को शरीर से दूर ले जाएं। सिर और गर्दन को मेरूदंड की सीध में रखें। इस मुद्रा में 15 से 30 सेकेण्ड तक बने रहें।

 

Source : Agency

पाठको की राय