Monday, October 19th, 2026

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें प्रिय भोग और धार्मिक महत्व

Sharadiya Navratri: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की आराधना के साथ मनाया जाता है. इस पर्व की शुरुआत हो चुकी है. 9 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से माता की उपासना करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है. इस दौरान देवी को प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने और श्रद्धापूर्वक पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है. उज्जैन के आचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, नवरात्रि के दूसरे दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखकर माता की आराधना की जा सकती है.

मां ब्रह्मचारिणी के नाम का महत्व
‘ब्रह्म’ यानी तप और ‘चारिणी’ यानी आचरण करने वाली अर्थात मां ब्रह्मचारिणी तप का आचरण करने वाली आदि स्रोत शक्ति हैं. मां ब्रह्मचारिणी सदैव शांत और संसार से विरक्त होकर तपस्या में लीन रहती हैं. कठोर तप के कारण इनके मुख पर अद्भुत तेज होता है. मां के हाथों में अक्ष माला और कमंडल होता है और इन्हें साक्षात ब्रह्म का स्वरूप माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी की उपासना करने से सहज ही सिद्धि प्राप्त होती है.

विद्यार्थी जरूर करें पूजा
शास्त्रों के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी और इसी वजह से उनका नाम ‘ब्रह्मचारिणी’ पड़ा. नवरात्रि के दूसरे दिन देवी के इसी स्वरूप की पूजा की जाती है. इनकी साधना और उपासना से जीवन की हर समस्या और संकट दूर हो जाते हैं. विद्यार्थियों के लिए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा बहुत ही फलदायी मानी जाती है.

मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन भक्तों को माता रानी की विधि-विधान से पूजा करके उन्हें चीनी या गुड़ का भोग अर्पित करना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को इन चीजों का भोग लगाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है. साथ ही माता अपने भक्तों को सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु का आशीर्वाद प्रदान करती हैं.

 

#Sharadiya Navratri 2 day

Source : Agency

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