Monday, October 26th, 2026

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नई तकनीक से सहयोग से आत्मनिर्भर हो रहा है देश - प्रदेश

अमिताभ पाण्डेय
भोपाल ।( अपनी खबर )

दुनियाभर में भारत नाम समृद्ध और सशक्त राष्ट्र के रूप बढ़ाने वाले  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आजादी का अमृत महोत्सव समारोह पूर्वक मनाया जा रहा है। इसके अन्तर्गत केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभाग जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता कार्यक्रमों, सेमिनार, वेबीनार का आयोजन कर रहे हैं।

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने भी आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत देश के सभी राज्यों में विज्ञान उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद  ने माह जुलाई की थीम ‘‘आत्मनिर्भरता एवं औद्योगिकरण‘‘ विषय पर आज 26 जुलाई को एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया । इस कार्यक्रम का शुभारंभ  परिषद के महानिदेशक डाॅ. अनिल कोठारी  के प्रेणादायक संबोधन से हुआ।

अपने सम्बोधन में उन्होने मध्यप्रदेश की स्टार्टअप पालिसी, ग्रामीण विकास के लिए चलाई जा रही  परियोजनाओं के बारे में बताया।श्री कोठारी ने युवाओं के लिये रोजगार के अवसर स्टार्टअप के माध्यम से कैसे तैयार किये जा सकते है,  इसकी जानकारी भी दी ।इसके बाद  विजन बिज नेटवर्क भोपाल के संस्थापक प्रदीप करमबेलकर  कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए ।उन्होंने  वोकल से लोकल एवं ग्रामीण क्षेत्र में क्लस्टर डेव्हलपमेंट के बारें में बात की। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सलाहकार डाॅ. देबप्रिय दत्ता, साइंटिस्ट ‘जी‘ ने इस कार्यक्रम को विधार्थियों , युवाओं के लिए बहुत उपयोगी बताया।

 कार्यक्रम में  एसोसिएटड डीन, आई.आई.टी. इंदौर से जुड़ी डा. रुचि शर्मा ,   मुख्य वैज्ञानिक, एम्प्री, भोपाल डा. डी पी मंडल , डाॅ. धीरेन्द्र दुबे, डाॅ. सौरभ मिश्रा, ने भी आनलाईन जुड़कर अपने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उपयोगी जानकारी दी। इसके साथ ही वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अनिता तिलवारी ने मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा चलाई जा रही  सामाजिक , आर्थिक सशक्तिकरण की विभिन्न परियोजनाओं , बायोटेकनोलाज़ी, टिशू कल्चर , आर्गेनिक प्लांट्स, किचन - टेंपल वेस्ट से जैविक खाद निर्माण, ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार संबंधी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।

वेबिनार में विषय विशेषज्ञों ने    मध्यप्रदेश के परिपेक्ष में आत्मनिर्भर एवं औद्योगिकीकरण के विषय में  मार्गदर्शन प्रदान किया । वक्ताओं  ने कहा कि प्रशासनिक संस्थाओं  के साथ मिलकर उद्योगों के लिये नये अवसर बना सकते है।युवाओं के लिए उद्योग एवं आत्मनिर्भरता में बहुत अवसर खुले है।युवाओं ,  छात्रों को  स्वंय के व्यवसाय /उद्योग की स्थापना करके आत्मनिर्भर बनना चाहिए।प्रदेश के युवा जाॅब लेने वाले नही देने वाले बने ।इसमें सूक्ष्म एवम लघु उद्योग संस्थान ( एम.एस.एम.ई ) . का महत्वपूर्ण सहयोग युवा ले सकते है।

 युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का रोडमेप बताते हुए प्रदीप करमबेलकर ने कहा कि कोरोना के बाद उद्योग में परिवर्तन के साथ नवीन संभावनाये आई है। लोकल फार वोकल को बढ़ावा मिला है। अपने देश के उत्पादों को विदेश में बढ़ावा मिला है। इस समय  ज्ञान की ताकत सबसे बड़ी है। अब  ज्ञान एवं औद्योगिकी साथ-साथ है। आने वाले समय में लोगों के माइंडसेट को रखकर तकनीकी एवं उद्योग विकसित किये जायेंगे।इस वेबीनार में मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में युवाओं , विघार्थियों , सामाजिक कार्यकर्ता ने भाग लिया।

 

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Source : Agency

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