प्राकृतिक खेती में टढ देश का नेृतत्व करेगा: शिवराज
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्राकृतिक खेती में अभी भी एमपी देश में अव्वल है और आज जो सुझाव मिलने वाले हैं, उसे तन्मयता से सुनकर जब एमपी के किसान और एक्सपर्ट्स इसे लागू करेंगे तो प्राकृतिक खेती के मामले में मध्यप्रदेश देश का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि केमिकल फर्टिलाइजर के कारण धरती धीरे-धीरे बंजर होती जा रही है। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोग गांवों में खेतों में नरवाई जलाकर गौमाता का प्राकृतिक खाना नष्ट करते हैं और मुख्यमंत्री से कहते हैं कि गौ बचाओ। ऐसे में गौ की सुरक्षा कैसे होगी? इसलिए नरवाई जलाने पर रोक लगाई गई है। केमिकल फर्टिलाइजर धरती माता को बर्बाद कर रहा है। इसलिए इस पर नियंत्रण बहुत जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ी को संकट से बचाया जा सके। प्राकृतिक खेती के लिए देश के सबसे बड़े विशेषज्ञ आचार्य देवव्रत हैं जो आज हमें सुझाव देने आए हैं।
सीएम चौहान ने ये बातें राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि मुख्य वक्ता गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के सुझावों के साथ बुधवार को दिन भर चलने वाली कार्यशाला में शून्य बजट, प्राकृतिक कृषि पद्धति पर देश भर से आए कृषि विशेषज्ञों के सुझाव लेने के बाद राज्य सरकार इसे प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर देगी। कार्यक्रम में कृषि मंत्री कमल पटेल और प्रदेश के नगरीय विकास व भोपाल के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह, एसीएस व कृषि उत्पादन आयुक्त शैलेंद्र सिंह, एसीएस किसान कल्याण और कृषि विकास अजीत केसरी भी मौजूद रहे। कृषि मंत्री पटेल ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश में 17.31 लाख हेक्टेयर में अभी प्राकृतिक खेती हो रही है। नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर पांच किमी रेंज में इसे बढ़ावा दिया जा रहा है। आज मिलने वाले सुझावों के आधार पर और अधिक काम किया जाएगा। यहां दिन भर अलग-अलग विषयों के सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके पहले गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के मध्यप्रदेश आगमन पर मुख्यमंत्री चौहान ने उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया।
आर्थिक और व्यक्तिगत के साथ प्राकृतिक शुचिता भी जरूरी:तोमर
केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े। तोमर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में और आचरण में शुचिता का बड़ा महत्व है। जिस तरह से आर्थिक शुचिता और व्यक्तिगत शुचिता से जीवन सफल रहता है उसी तरह प्राकृतिक शुचिता भी जरूरी है जो प्राकृतिक खेती के जरिये आ सकती है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर आचार्य देवव्रत के सुझाव का लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा और उसके आधार पर वे इस खेती की ओर उन्मुख होंगे। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी दीर्घगामी सोच वाले हैं। किसानों के लिए भले के लिए उन्होंने कई कार्यक्रम चला रखे हैं जिसका फायदा देश के किसानों को मिल रहा है।

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