Tuesday, October 20th, 2026

सिलक्यारा टनल से मजदूरों को निकालने में लगेगा एक महीना? क्रिसमस तक घर पर होंगे! : विदेशी एक्सपर्ट

उत्तराखंड
उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूर कब तक बाहर निकलेंगे? यह सवाल देशभर के लोगों के मन में बार-बार उठ रहा है। अंदर फंसे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लोग प्रार्थना कर रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जोर-शोर से जारी है। इस बचाव अभियान पर पीएमओ की भी नजर है। बीते 14 दिनों से रोज गुड न्यूज की आस लगाई जा रही है। ऐसे में टनल खुदाई करने वाले एक विदेशी एक्सपर्ट ने चिंताजनक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि क्रिसमस (25 दिसंबर) तक सभी मजदूर अपने घर पर होंगे।

मजदूरों को निकालने में लगेगा एक महीना?
अंतरराष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने कहा, 'सभी मजदूर क्रिसमस तक अपने घर पर होंगे।' इसपर उनसे रिपोर्टर ने पूछा कि 'आज 25 नवंबर है, इसका मतलब मजदूरों को बाहर निकालने में एक महीना लग जाएगा?' अर्नोल्ड डिक्स ने कहा, 'सभी 41 लोगों को टनल से बाहर निकालने में आज से एक महीने के बीच तक कुछ और समय लगेगा। एक महीने के अंदर मजदूर घर पर सुरक्षित रहेंगे।'

क्रिसमस तक घर पर होंगे
अर्नोल्ड डिक्स ने आगे कहा, 'मुझे बिलकुल नहीं पता कि किस दिन मजदूर बाहर निकलेंगे। मेरा मतलब यह है कि हम लोगों को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। हमें सबसे जरूरी बात पर विचार करना चाहिए और वह यह है कि सभी मजदूर सुरक्षित बाहर निकल आएं। मुझे विश्वास है कि वो क्रिसमस तक अपने घर पर होंगे।'

मैंने कभी नहीं किया कोई वादा...
विदेशी एक्सपर्ट अर्नोल्ड डिक्स ने आगे कहा, 'शुरुआत से ही मैंने कभी यह वादा नहीं किया था कि वो जल्दी बाहर होंगे। मैंने कभी नहीं वादा किया था कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन आसान होगा। मैं कभी यह नहीं कहा कि मजदूरों को कल या आज रात टनल से बाहर निकाल लिया जाएगा।'

अर्नोल्ड डिक्स ने कहा कि सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए जिस ऑगर मशीन से 'ड्रिल' की जा रही थी, वह खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि बचाव दल लंबवत और हाथ से 'ड्रिलिंग' सहित अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। पिछले कुछ दिन से ऑगर मशीन से 'ड्रिल' करने के दौरान लगातार बाधाएं आ रही थीं। जब उनसे हाथ से अथवा लम्बवत 'ड्रिल' करने जैसे अन्य विकल्पों के बारे में पूछा गया तो डिक्स ने कहा कि सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हम जो भी विकल्प अपना रहे हैं उसके अपने फायदे और नुकसान हैं। हमें बचावकर्ताओं की तथा श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है।' उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों और बचावकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अभियान में लगी कई एजेंसियों का लक्ष्य है।

 

 

#अर्नोल्ड डिक्स

Source : Agency

पाठको की राय