ममता के खिलाफ कौन होगा कैंडिडेट, भाजपा नेता ने कहा एक-दो दिन में नाम हो जाएगा तय
कोलकाता
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को कहा कि पार्टी भबानीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा एक-दो दिन में करेगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसी सीट से मैदान में उतरने वाली हैं। ममता विधानसभा चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी से हार गयी थीं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता को मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने के लिए छह महीने के भीतर विधानसभा के लिए निर्वाचित होना होगा।
दो अन्य सीटों पर भी होने हैं उपचुनाव
राज्य में भबानीपुर और दो अन्य सीटों पर 30 सितंबर को उपचुनाव होने हैं। राज्य के तीन अन्य सीटें-खरदाह, दिनहाटा और शांतिपुर भी रिक्त हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने अभी इनपर उपचुनाव के लिए तारीखों की घोषणा नहीं की है। भाजपा के राज्य महासचिव सायंतन बसु ने समाचार एजेंसी भाषा से कहा कि भबानीपुर के साथ ही मुर्शिदाबाद की दो अन्य विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर एक-दो दिन में फैसला किया जाएगा।
चुनाव आयोग के आदेश का करना होगा पालन
इससे पहले दिन में, प्रदेश भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने कहा कि भबानीपुर के लिए उम्मीदवार का चयन बुधवार या गुरुवार तक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने 30 सितंबर को उपचुनाव कराने का फैसला किया है। हमारा अनुमान था कि यह कुछ समय बाद होगा। लेकिन हमें चुनाव आयोग के आदेश का पालन करना चाहिए, हम तृणमूल के विपरीत चुनाव आयोग जैसे स्वतंत्र संवैधानिक निकायों का विरोध नहीं करते हैं। ममता पर निशाना साधते हुए घोष ने कहा कि सत्तारूढ़ दल ने मुख्यमंत्री के लिए रास्ता साफ करने के तहत शोभनदेब चट्टोपाध्याय से भबानीपुर सीट खाली करायी है, जहां वह बड़े अंतर से जीते थे।
पूछा, तो चट्टोपाध्याय कब तक बने रहेंगे मंत्री
अटकलें हैं कि तृणमूल राज्य के कृषि मंत्री चट्टोपाध्याय को खरदाह क्षेत्र से उम्मीदवार बनाएगी, जो विजयी उम्मीदवार काजल सिन्हा की कोविड से मृत्यु के कारण रिक्त हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भबानीपुर, जंगीपुर, समसेरगंज के अलावा अन्य सीटों पर उपचुनाव के बारे में कोई घोषणा नहीं होने से कारण चट्टोपाध्याय का राजनीतिक कॅरियर अनिश्चितता में फंस गया है। यदि शेष सीटों के लिए उपचुनाव नवंबर के पहले सप्ताह तक नहीं होते हैं तो क्या चट्टोपाध्याय मंत्री बने रहेंगे?

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