WHO ने दी नई लहर की चेतावनी- यूरोप में एक बार फिर बढ़े कोरोना के केस
कोपेनहेगन
कोरोना वायरस महामारी दुनिया के अलग-अलग देशों में कोहराम मचा रही है। गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया कि यूरोप में दो महीने की गिरावट के बाद कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर से बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि अगर लोगों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने में लापरवाही बरती, तो एक नई लहर आ सकती है। यूरोप में डब्ल्यूएचओ के रीजनल डायरेक्टर हैंस क्लूज ने प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए बताया कि पिछले एक हफ्ते में ही कोरोना के मामलों में 10 फीसदी का इजाफा हुआ है, जिसकी वजह प्रतिबंधों में ढील, भीड़भाड़, सभाएं और यात्राएं हैं।
हैंस क्लूज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'जब तक हम लोग कोविड प्रोटोकॉल के प्रति अनुशासित नहीं रहेंगे, तब तक यूरोपीय क्षेत्र में एक नई लहर का खतरा बना रहेगा। कोरोना के हालात में ये उलटफेर डेल्टा वेरिएंट की वजह से आया है। कोरोना का डेल्टा वेरिएंट अल्फा से काफी निकल चुका है।' आपको बता दें कि यूरोपीय यूनियन की रोग नियंत्रण एजेंसी ईसीडीसी की एक रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट काफी संक्रामक है और अगस्त महीने के आखिर तक यूरोप में 90 फीसदी नए मामलों का कारण बन सकता है।'
वहीं, टीकाकरण पर जोर देते हुए हैंस क्लूज ने बताया, 'कोरोना वायरस वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट से भी बचाव करती है, लेकिन संक्रमण से सुरक्षा के लिए दोनों डोज जरूरी हैं। डब्ल्यूएचओ के यूरोपीय क्षेत्र में टीकाकरण का औसत कवरेज 24 प्रतिशत है, लेकिन करीब आधे बुजुर्ग और 40 फीसदी स्वास्थ्यकर्मी अभी भी असुरक्षित हैं। ये आंकड़ा संतोषजनक नहीं है और 80 फीसदी व्यस्क आबादी को वैक्सीन देने का जो लक्ष्य रखा गया है, उससे हम काफी दूर हैं।' आपको बता दें कि कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट ने भारत में भी कहर बरपाया था और इस समय दुनिया के कई देशों में यह वेरिएंट फैल चुका है।

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