Thursday, October 22nd, 2026

बच्चों के लिए दुनिया की दूसरी मलेरिया वैक्सीन को डब्ल्यूएचओ की मंजूरी

नई दिल्ली
 सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया
ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मलेरिया के एक टीके को मंजूरी दे दी है, जिसके साथ ही दुनिया की दूसरे ऐसे टीके के इस्तेमाल का रास्ता साफ हो गया है। एसआईआई ने कहा कि टीके के 'प्री-क्लिनिकल और 'क्लिनिकल परीक्षण से संबंधित आंकड़ों के आधार पर यह मंजूरी दी गई है और परीक्षणों के दौरान चार देशों में यह टीका काफी कारगर साबित हुआ है। एसआईआई ने एक बयान में कहा कि यह बच्चों को मलेरिया से बचाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मंजूरी पाने वाला दुनिया का दूसरा टीका बन गया है।

डब्ल्यूएचओ ने 'नोवावैक्स की सहायक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एसआईआई द्वारा तैयार किए गए आर21/मैट्रिक्स-एम नामक मलेरिया के इस टीके के उपयोग को मंजूरी दे दी है। बयान में कहा गया है कि पुणे स्थित एसएआईआई को टीके तैयार करने का लाइसेंस दिया गया है और कंपनी पहले ही सालाना 10 करोड़ खुराक तैयार करने की क्षमता हासिल कर चुकी है जो अगले दो साल में दोगुनी हो जाएगी।

एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा, 'बहुत लंबे समय से, मलेरिया बीमारी दुनिया भर में अरबों लोगों के जीवन को खतरे में डालती रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि टीके को मंजूरी मिलना मलेरिया से लडऩे में मील का पत्थर है। एसआईआई ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की मंजूरी मिलने के बाद अतिरिक्त नियामक मंजूरी शीघ्र ही मिलने की उम्मीद है और अगले साल की शुरुआत में आर21/मैट्रिक्स-एम टीका का इस्तेमाल शुरू हो जाएगा। फिलहाल घाना, नाइजीरिया और बुरकिना फासो में टीके का इस्तेमाल किया जा रहा है।

 

 

 

Source : Agency

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