Monday, October 19th, 2026

घर के बाहर Name Plate लगवाते समय रखें इन बातों का खास ध्यान

आज कल देखने को मिलता कि लोग अपने घरों के बाहर अलग-अलग तरह की डिज़ाईन के नेम प्लेट्स लगवाते हैं। कहा जाता है कि इससे घर आने वाले हर व्यक्ति पर खास इंप्रेशन पड़ता है और मकान मालिक का स्टाइल स्टेटमेंट झलकता है। वास्तु के अनुसार तो हमारे घर में मौज़ूद हर चीज़ का वहां रहने वाले पर अच्छा-बुरा प्रभाव पड़ता है। एेसे ही इसमें नेम प्लेट को लगाने के भी कुछ टिप्स बताए गए हैं। आइए जानते हैं इससे संबंधित बातों के बारे में-

वास्तु शास्त्र और कुछ एस्ट्रोलॉजी एक्सपर्ट के मुताबिक घर के बाहर को हमेशा नेम प्लेट लगाना चाहिए, इसे माथे पर टीके के समान है। इसमें बताया है कि घर का मुख्य द्वार सिर्फ घर के अंदर आने की जगह ही नहीं होती बल्कि यहीं से ऊर्जा का प्रवाह होता है। इसलिए कहा जाता है कि अगर आपके घर के बाहर नेम प्लेट नहीं है तो शुभ  अवसरों का आप तक पहुंचना मु्श्किल है। इसके अलावा नेम प्लेट हमेशा पढ़े जाने लायक, साफ और आंखों को लुभाने वाली होनी चाहिए। इसलिए सकारात्मकता और शांति पाने के लिए नेम प्लेट में हमेशा सही मटीरियल का चुनाव करें। अगर दरवाजा नॉर्थ या वेस्ट दिशा में है तो धातु की नेम प्लेट चुने। अगर मुख्य द्वार साऊथ या ईस्ट की ओर है तो लकड़ी की नेम प्लेट लगाएं। घर के मुख्य द्वार को तस्वीरों, गणेश जी की प्रतिमाओं और ॐ व स्वास्तिक जैसे पवित्र चिंहों से सजाएं। इसे लगाते समय में आप श्लोक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • हमेशा घर के मेन गेट पर या उसके साथ वाली दीवार पर नेम प्लेट लगाएं। एेसा माना जाता है कि इससे समृद्धि, अवसर और खुशहाली आती है।
  • नेम प्लेट इतनी बड़ी होनी चाहिए कि उस पर नाम, सरनेम और हाऊस नंबर आदि सब लिखा जा सके और एक या दो फुट की दूरी से कोई भी इसे पढ़ सके।
  • नेम प्लेट के लिए जो डिजाइन चुनें, वह मेन गेट के साथ अच्छी तरह मिक्स होना चाहिए।
  • मेन गेट और नेम प्लेट चमकीले होने चाहिेए।
  • नेम प्लेट को स्टाइलिश लेकिन सिंपल रखें। इसे कई तरह के डिजाइन्स, कैलीग्राफी, देवी-देवताओं की प्रतिमाओं या नक्काशी के साथ मिक्स न करें।
  • नेम प्लेट को नियमित रूप से साफ करें और इस पर धूल न चढ़ने दें।

 

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Source : Agency

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