Sunday, October 25th, 2026

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव के ट्रांसफर: ये फैसला सही है, उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़ा है: सुवेंदु अधिकारी

कोलकाता
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय का तबादला कर दिया है। अलपन बंदोपाध्याय को केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के लिए आदेश जारी किए गए हैं। अलपन बंदोपाध्याय को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है। इस पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता भारतीय जनता पार्टी के सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार (29 मई) को कहा कि राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय का शुक्रवार (28 मई) की शाम को लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय में अचानक तबादला करना न्यायोचित और निष्पक्ष फैसला है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ''मुख्य सचिव ने प्रोटोकॉल तोड़ा है। एक आईएएस अधिकारी के रूप में, वह प्रोटोकॉल जानते हैं। संविधान के अनुसार, यह ट्रांसफर उचित है। यह किसी राजनीतिक दल के बारे में नहीं है। केंद्र चाहे तो किसी को भी वापस बुला सकती है।''
 
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ''मैं यह नहीं कहूंगा कि अलपन बंदोपाध्याय (मुख्य सचिव) अपनी मर्जी से चले गए। मैं उन्हें कुछ समय से जानता हूं। उन्हें शुक्रवार को ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया था।'' असल में शुक्रवार (28 मई) को पीएम नरेंद्र मोदी यास चक्रवात के प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे थे। इस दौरान पीएम मोदी के साथ बैठक के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अलपन बंदोपाध्याय के साथ 30 मिनट की देरी से पहुंची थीं और बैठक में आकर यास च्रकवात प्रभावित इलाकों की रिपोर्ट सौंपकर फौरन चली गईं। इस घटना के कुछ घंटे बाद ही केंद्र सरकार ने अलपन बंदोपाध्याय के ट्रांसफर की सूचना दी।

वहीं शनिवार (29 मई) को ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से अलपन बंदोपाध्याय को वापस बुलाने के आदेश को वापस लेने की अपील की है। अलपन बंदोपाध्याय 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे हावड़ा समेत कई जिलों के डीएम भी रह चुके हैं। साल 2020 सितंबर में राजीव सिन्हा के रिटायर्ड होने के बाद अलपन को पश्चिम बंगाल का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था।


 

 

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Source : Agency

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