Friday, October 23rd, 2026

क्वालिटी के आधार पर सप्लाई होगा पानी, 85 नदियों की वाटर सेंपलिंग

भोपाल
मंदसौर की शिवना, उज्जैन की शिप्रा, सीहोर की कलियासोत, चित्रकूट की मंदाकिनी के साथ मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी के जल की सेंपलिंग कराने का काम पर्यावरण विभाग कर रहा है। इसमें सबसे अधिक फोकस उन नदियों पर किया गया है जिनका पानी शहरों की प्यास बुझाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें कई नगर निगम क्षेत्र भी शामिल हैं।

राज्य सरकार के पर्यावरण महकमे ने प्राकृतिक जल स्त्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए उनकी सतत निगरानी शुरू की है। इसके लिए पर्यावरण विभाग द्वारा प्रदेश की 85 नदियों एवं उनकी सहायक नदियों की जल गुणवत्ता का मापन कार्य किया जा रहा है। पिछले डेढ़ वर्ष में प्रमुख नदियों, उनकी सहायक नदियों, झील, बांध, तालाब, भू-जल स्त्रोत और नालों से 12357 जल सेम्पल लेकर जल गुणवत्ता का विश्लेषण किया गया। प्रदेश की नदियों के जल गुणवत्ता का आंकलन और वर्गीकरण केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आधारित मानक पर किया जाता है।

इन नदियों के जल की क्वालिटी का परीक्षण
जिन नदियों के पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जा रहा है, उसमें अजनाल, अनास, अंगरेड, असन, बेस, बंजर, बावनगंगा, बेबस, बेतवा, बिछिया, बिहर, बोरार, बेसली, चंबल, चामला, चिलार, चकरार, चोरल, छोटा तवा, छोटी काली सिंध, चौपन शामिल हैं। इसके साथ ही देनवा, देब, धसान, गंभीर, गोई, गोपद, गौर, गुनौर, हथनी, हिरन, जामर, जमुनी, जोहिला, कचान, काली सिंध, कन्हान, करियारी, कटनी, केन, केवई, खान, खुज, क्षिप्रा, कुंदा, कुरैल, कलियासोत, मान, माचना, महानदी, महेश्वरी, माही नदियों का पानी भी सेंपलिंग कर जांचा जा रहा है। विभाग द्वारा अन्य नदियों मालेनी, मंदाकिनी, मैयर, मुरना, नर्मदा, नेवज, नेवार, परियट, पार्वती, पेंच, क्वारी, रिहंद, शक्कर, शंख, सरस्वती, सटक, सीप, सीवन, शेर, शिवना, सिलगी, सिमरार, सिंध, सोनार, सोन, सुखद, सतना, सर्फा, तामिया, ताप्ती, टोंस, उमरार और वैनगंगा के पानी की भी जांच कराई जा रही है।

 

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Source : Agency

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