सत्र 2022-23 में प्री पॉलिटेक्निक टेस्ट को शासन से मंजूरी मिलने भर का इंतजार
भोपाल। सूबे में संचालित होने वाली पालीटेक्निक में वर्तमान सत्र 2022-23 में प्री पालीटेक्निक टेस्ट (पीपीटी) के बिना ही प्रवेश दिए जाएंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग को शासन से मंजूरी मिलने भर का इंतजार है। इसके बाद विभाग दसवीं की मेरिट के आधार पर पालीटेक्निक में प्रवेश कराएगा।
व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) पिछले दो साल पीपीटी नहीं करा रहा है। प्रदेश के साथ देशभर में कोरोना का प्रभाव काफी तेज से फैल रहा था, जिसके कारण विभाग ने दसवीं की मेरिट के आधार पर पालीटेक्निक में प्रवेश दिये थ। सत्र 2022-23 लगातार तीसरा वर्ष होगा, जिसमें बिना पीपीटी के प्रवेश दिये जाएंगे। नियमों को व्यापमं नहीं भेजा गया। वहीं दूसरी तरफ अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से नये सत्र की गाइडलाइन भी जारी नहीं की गई हैं।
यहां तक जेईई मैंस और एडवांस का कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया गया, जिसके चलते विभाग भी पीपीटी कराने पर अंतिम निर्णय नहीं कर पा रहा है। इसलिये अभी तक पीपीटी पर संशय बना हुआ है। एआईसीटीई समय पर गाइड लाइन और व्यापमं को नियमावली समय पर मिल जाती है, तो पीपीटी में शामिल होने के लिये मार्च में परीक्षा फार्म खोल दिये जाएंगे। हालांकि दसवीं और बारहवीं की परीक्षा शुरू हो गई हैं। यही विद्यार्थी उत्तीर्ण होने पर पीपीटी में भागीदारी करेंगे।
25% की फीस वापसी शेष
दो साल पहले 21 हजार विद्यार्थियों ने पीपीटी में शामिल होने फार्म जमा किए थे। पीपीटी स्थगित होने के बाद व्यापमं अभी तक 75 फीसदी उम्मीदवारों का शुल्क वापस कर सका है। अभी करीब 25 फीसदी विद्यार्थियों को शुल्क वापस नहीं कर सका है। इसलिए क्योंकि व्यापमं के पास उनके बैंक एकाउंट की कोई जानकारी नहीं हैं। विद्यार्थी व्यापमं पहुंचकर अपनी जानकारी देकर शुल्क वापस ले सकते हैं।
28 हजार सीटें
प्रदेश में 137 पालीटेक्निक संचालित हो रही हैं। करीब 28 हजार सीटें मौजूद हैं, जिनमें दसवीं के आधार पर प्रवेश होंगे। बीफार्मा और डीफार्मा में भी प्रवेश परीक्षा के बिना काउंसलिंग से प्रवेश दिए जाएंगे।

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