जिले में 20 समूहों की दुकानों को ठेकेदार मिलने का इंतजार
जबलपुर
जिले में शराब दुकानों का ठेका लेने में ठेकेदार रुचि नहीं ले रहे हैं। दूसरे चरण के टेंडर में मंगलवार को 24 समूहों की बोली लगनी थी, लेकिन चार समूहों की दुकानों का ही निष्पादन हो सका। इनके अंतर्गत करीब 13 देशी-विदेशी शराब दुकानें हैं। इस बीच 20 समूहों की दुकानों को ठेकेदार मिलने का इंतजार है। ऐसी स्थिति में आबकारी विभाग की चिंता बढ़ गई है। उसे तीसरे चरण का टेंडर बुलाना पडेग़ा, जिससे जिले के लिए तय राजस्व लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
इस बार भी ग्रामीण क्षेत्र पसंद
24 समूहों में से चार समूहों के लिए पांच टेंडर फॉर्म आए थे। उनमें स चार को टेंडर प्राप्त हो गया। इस बार भी ठेकेदारों की पसंद ग्रामीण इलाका रहा। इन चार समूहों में एक अधारताल है। इसके अंतर्गत तीन दुकानें आती हैं। दूसरे समूह में सिहोरा है जिसमें तीन दुकानें हैं। तीसरे समूह में कुंडम में चार और चौथे समूह बघराजी में तीन दुकानें हैं। दूसरे चरण की टेंडर प्रक्रिया में शहरी क्षेत्र की केवल तीन दुकानें ही फाइनल हो सकी हैं। शेष ग्रामीण क्षेत्र की हैं।
45 करोड़ 45 लाख मूल्य मिला
आबकारी विभाग के अनुसार चार समूहों का आरक्षित मूल्य 44 करोड़ 23 लाख 72 हजार 321 रुपए था। लेकिन, विभाग को 45 करोड़ 45 लाख 84 हजार 553 रुपए मिले। यह आरक्षित मूल्य से करीब 2.7 प्रतिशत अधिक है। इस बीच दोनों चरणों को मिलाकर जिले के कुल 45 समूहों में से 25 समूहों का निष्पादन हो चुका है। इनका कुल आरक्षित मूल्य करीब 297 करोड़ 82 लाख रुपए रखा गया है। इसकी जगह टेंडर में इन समूहों के लिए 349 करोड़ 20 लाख रुपए वार्षिक मूल्य प्राप्त हुआ है।

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