Monday, October 19th, 2026

अमेरिका में वीजा ने रुपे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई

नई दिल्ली
वीजा इंक ने अमेरिकी सरकार से शिकायत की है कि भारत अपने पेमेंट्स सर्विस सिस्टम ‘रुपे’ का अनौपचारिक और औपचारिक तरीके से प्रचार कर रहा है। इससे अमेरिकी कंपनी वीजा को भारत में नुकसान हुआ है। भारत, वीजा के लिए एक प्रमुख बाजार है। वीजा और रुपे प्रतिद्वंदी हैं। सार्वजनिक रूप से वीजा ने रुपे के उदय के बारे में चिंताओं को कम कर दिया है, लेकिन अमेरिकी सरकार के मेमो से पता चलता है कि वीजा ने 9 अगस्त को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कैथरीन ताई और सीईओ अल्फ्रेड केली सहित कंपनी के अधिकारियों के बीच एक बैठक के दौरान भारत में रुपे को लेकर चिंता जताई थी। मास्टरकार्ड इंक ने निजी तौर पर यूएसटीआर के समक्ष इसी तरह की चिंताओं को उठाया है। बैठक से पहले ताई के लिए तैयार किए गए यूएसटीआर मेमो में कहा गया है, वीजा भारत की अनौपचारिक और औपचारिक नीतियों के बारे में चिंतित है, जो कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के व्यवसाय के पक्ष में प्रतीत होती हैं।

एनपीसीआई, गैर-लाभकारी एंटिटी है, जो रुपे चलाती है। नवंबर 2020 तक भारत के 95.2 करोड़ डेबिट और क्रेडिट कार्ड में रुपे की हिस्सेदारी 63% थी। 2017 में यह हिस्सेदारी सिर्फ 15% थी। सार्वजनिक रूप से केली ने मई में कहा था कि वर्षों तक काफी चिंता रही कि रुपे की बढ़ती पैठ वीजा के लिए संभावित रूप से समस्या खड़ी कर सकती है। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनकी कंपनी भारत के बाजार में अग्रणी बनी हुई है।

 

 

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Source : Agency

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