जम्मू-कश्मीर-लद्दाख हाईवे पर बर्फबारी में भी दौड़ते रहेंगी गाड़ियां, सरकार बनाएगी 3 टनल
नई दिल्ली
केंद्र सरकार पाकिस्तान-चीन सीमा तक सड़क संपर्क सुदृढ़ करने के लिए लद्दाख क्षेत्र में तीन नई टनल बनाने जा रही है। इनके निर्माण से जीवन रेखा माने जाने वाला जम्मू-कश्मीर-लद्दाख हाईवे संख्या-1 पर यातायात सुगम व तेज होगा। टनलों के बनने से बर्फबारी में वाहन दौड़ते रहेंगे। सर्दियों में यह क्षेत्र छह माह के लिए कट जाता है। चीन से चल रहे तनाव को देखते हुए सामरिक दृष्टि से यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और व्यापार में भी बढोतरी होगी।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम एनएचएआईडीसीएल ने पिछले महीने तीनों टनल की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) व निर्माण से पूर्व की गतिविधियों को लेकर तकनीकी कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में 23 किलोमीटर के खारदुंगला दर्रा, 9 किलोमीटर के नामिका ला दर्रा, 11 किलोमीटर के फोटु ला दर्रा (कुल 43 किलोमीटर) में टनल व अप्रोच राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा। तकनीकी कंसल्टेंट से प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) मांगे गए हैं। इनके चयन की प्रक्रिया अक्तूबर माह तक पूरी कर ली जाएगी।
इसके पश्चात तीनों टनलों की निर्माण पूर्व की गतिविधयों और डीपीआर बनाने का काम एक साथ शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना को तीन पैकेज में पूरा किया जाना है। इसकी लागत और निर्माण पूरा होने की तारीख डीपीआर बनने के बाद पता चलेगी। उन्होंने बताया कि उक्त परियोजना का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि टनलों के बनने से जम्मू-कश्मीर-लद्दाख नेशनल हाइवे संख्या-1 पर सालभर सड़क संपर्क बना रहेगा।
यह हाइवे उरी, बरामुला, श्रीनगर, सोनमर्ग, जोजिला दर्रा, द्रास, कारिगल से लेह को जोड़ता है, जो कि पाकिस्तान और चीन सीमा से लगे हुए क्षेत्र हैं। टनलों के बनने से सैन्य वाहन, गोला-बारुद, रसद व सैनिकों को सीमा तक पहुंचने में आसनी होगी।

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