Saturday, October 31st, 2026

खाने में सही तेल का करें इस्तेमाल, खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मिलेगी मदद

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के जब भी बात होती है, तो खाने के तेल को इसका सबसे बड़ा कारण माना जाता है। काफी हद तक यह बात है सही है तेल के अधिक इस्तेमाल से कोलेस्ट्रॉल ही नहीं बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा होता है। अगर आप कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला डाइट प्लान फॉलो कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप तेल का बिल्कुल भी इस्तेमाल ही न करें। दरअसल आपको सही तेल चुनने और इस्तेमाल करने का तरीका आना चाहिए।

सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि कोलेस्ट्रॉल क्या है और इसका बढ़ना सेहत के लिए खतरनाक क्यों है? कोलेस्ट्रॉल खून की नसों में एक मोम की तरह पदार्थ होता है। इसकी कम मात्रा से कोई नुकसान नहीं है लेकिन इसके बढ़ने से नसों में ब्लॉकेज हो सकती है, जिससे दिल के रोगों, स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है क्योंकि इससे नसों में ब्लड फ्लो थम सकता है।

जब हेल्दी ऑयल की बात आती है, तो कई शोध इस बात पर जोर देते हैं कि आपके द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट (MUFAs) और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट (PUFAs) होना चाहिए। ये एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। चलिए जानते हैं कि किन-किन तेलों में यह गुण पाया जाता है और उन्हें कैसे इस्तेमाल करना चाहिए।


अलसी का तेल
इस तेल में 65% मोनोअनसैचुरेटेड फैट और 28% पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होता है। इसका स्मोक पॉइंट 225°F है। इस तेल को गर्म न करें। यह बिना गर्मी के खाना पकाने के लिए बहुत अच्छा है। इसे आप सलाद ड्रेसिंग, डिप्स, मैरिनेड और स्मूदी आदि में शामिल कर सकते हैं।

जैतून का तेल
इस तेल में 78% मोनोअनसैचुरेटेड फैट 8% पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होता है। इसका स्मोक पॉइंट 320°F-400°F है। जैतून के तेल का इस्तेमाल सब्जियों को भूनने के लिए मध्यम-उच्च आंच पर गर्म करें। वर्जिन ओलिव ऑयल को केवल मध्यम-कम गर्मी पर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

राइस ब्रान ऑयल
इस तेल में 44% मोनोअनसैचुरेटेड फैट और 34% पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होता है। इसका स्मोक पॉइंट 450 °F है। यह तेल तलने की उच्च गर्मी का सामना कर सकता है और इसे कम तापमान पर या बिना गर्मी के व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

सोयाबीन तेल
इस तेल में 25% मोनोअनसैचुरेटेड फैट और 60% पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होता है। इसका स्मोक पॉइंट 450°F है। यह तेल डीप फ्राई के लिए उच्च गर्मी का सामना कर सकता है। इसके आलावा इसे सलाद ड्रेसिंग सहित किसी भी तापमान पर खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

तिल का तेल
इस तेल में 41% मोनोअनसैचुरेटेड फैट और 44% पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होता है। इसका स्मोक पॉइंट 350°F-450°F होता है। तिल का तेल हीट-फ्राइंग और डीप फ्राइंग जैसे उच्च-गर्मी वाले व्यंजनों को संभाल सकता है।

 

 

Source : Agency

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