रोटी या खाना लपेटने के लिए करते है एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल, तो हो जाये सावधान
अधिकतर रसोई में एल्युमिनियम फॉयल पेपर मौजूद होता है। इसका इस्तेमाल खाना गर्म रखने से लेकर बेक करने तक किया जा सकता है। मगर ये पेपर आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है और अल्जाइमर कर सकता है।
एल्युमिनियम फॉयल पेपर के साइड इफेक्ट: कुछ शोध में अल्जाइमर के मरीजों में एल्युमिनियम की मात्रा अधिक देखी गई है। इस बीमारी में याददाश्त कमजोर हो जाती है और आप भूलने लगते हैं। इससे आपकी दिमागी ताकत भी कमजोर हो जाती है।
न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा ने एल्युमिनियम फॉयल के 5 विकल्पों के बारे में बताया है। जिन्हें इस्तेमाल करना सेहत के लिहाज से ज्यादा सुरक्षित हो सकता है। आइए इनके बारे में जानते हैं।
इन चीजों का करें इस्तेमाल
पार्चमेंच पेपर
बीसवैक्स रैप
कॉटन और लिनन नैपकिन
केले के पत्ते
मलमल का कपड़ा
शरीर में बढ़ सकता है एल्युमिनियम
कुछ रिसर्च में देखा गया है कि एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करने से खाने में एल्युमिनियम की मात्रा बढ़ सकती है। जिससे शरीर में भी यह अधिक हो सकता है। हालांकि ऐसा होना काफी दुर्लभ है, क्योंकि खाने में यह बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है।
किन चीजों में होता है एल्युमिनियम
फल, सब्जियां, मीट, मछली, अनाज और डेयरी प्रॉडक्ट में एल्युमिनियम की मात्रा होती है। वहीं, चाय की पत्ती, मशरूम, पालक और मूली खाने से शरीर तेजी से इसे अवशोषित करने लगता है।
इतना एल्युमिनियम है काफी
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, किसी आशंकित स्वास्थ्य समस्या से बचने के लिए आपको एल्युमिनियम को लिमिट में लेना चाहिए। एक हफ्ते के अंदर किसी व्यक्ति को अपने वजन के हिसाब से 1 किलोग्राम पर 2 एमजी से कम एल्युमिनियम का सेवन करना चाहिए।
एल्युमिनियम कम करने के तरीके
खाने को धीमी आंच पर पकाएं
एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल कम करें
नॉन-एल्युमिनियम बर्तन का इस्तेमाल करें
एल्युमिनियम फॉयल और एसिडिक फूड को ना मिलाएं

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