अडाणी समूह के FPO में UAE के शाही परिवार ने किया 40 करोड़ डॉलर का निवेश
मुंबई
अरबपति गौतम अडाणी के समूह को अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) द्वारा अपनी प्रमुख फर्म की शेयर बिक्री में 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 3,260 करोड़ रुपये) के निवेश का सहारा मिला है. इस निवेश से समूह को अपना विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी, जो एक अमेरिकी शॉर्ट सेलर की नुकसान पहुंचाने वाली रिपोर्ट के साथ सामने आने के बाद लगभग 70 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान झेल चुका है.
हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट सामने आने, यानी 24 जनवरी से एक दिन पहले तक 60-वर्षीय गौतम अडाणी दुनिया के तीसरे सबसे रईस शख्स थे. इस रिपोर्ट में कंपनी के कर्ज़े के स्तर, कथित स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी को लेकर सवाल खड़े किए गए थे, और इसके बाद गौतम अडाणी रईसों की सूची में आठवें स्थान पर पहुंच गए, और पिछले साल अप्रैल में जिन मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर वह सूची में आगे पहुंचे थे, उनके साथ दौलत का अंतर सिर्फ 4 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया.
अडाणी समूह ने व्यापारिक समुदाय में विश्वास बहाली के उद्देश्य से रविवार देर रात हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर 413 पन्नों की प्रतिक्रिया जारी की, लेकिन इससे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ा, और समूह की ज़्यादातर कंपनियों के शेयरों की कीमतें गिरती रहीं, और डॉलर बांड भी सोमवार को नए निचले स्तर पर पहुंच गए.
अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग ने अडाणी समूह के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उसकी रिपोर्ट भारत पर 'सुनियोजित हमला' थी, और कहा कि 'धोखाधड़ी' को राष्ट्रवाद से छिपाया नहीं जा सकता.
हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट 24 जनवरी को जारी की थी, जब अडाणी एंटरप्राइज़ लिमिटेड का ₹20,000 करोड़ की फॉलो-ऑन शेयर बिक्री खुली थी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर उपलब्ध सूचना के अनुसार, एंकर निवेशकों ने उसी दिन FPO में लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश कर दिया था, लेकिन सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन के नाम पर इस पेशकश पर सोमवार शाम तक भी सिर्फ तीन फीसदी शेयर ही सब्सक्राइब हुए थे. यह FPO मंगलवार, यानी 31 जनवरी को बंद हो रहा है और इसका खुदरा निवेशकों वाला हिस्सा - जो FPO का सबसे बड़ा भाग है - बमुश्किल चार फीसदी ही सब्सक्राइब हुआ है.
IHC ने कहा है कि वह अडाणी एंटरप्राइजेज़ के फॉलो-ऑन शेयर में लगभग 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा, और कहा कि अडाणी समूह के शेयर मूल्यों में गिरावट के बावजूद उन्हें उनके मूल सिद्धांतों में विश्वास है. IHC के CEO सैयद बसर शुएब ने एक बयान में कहा, "हमें लगता है, दीर्घावधि में तरक्की की मज़बूत संभावना है, और हमारे शेयरधारकों को लाभ होगा..." IHC के प्रमुख UAE के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और राष्ट्रपति के भाई शेख तहनून बिन ज़ायद अल नाहयान हैं.
जीवन बीमा निगम (LIC) ने भी अलग से बयान जारी कर कहा है कि अडाणी समूह में उसका निवेश सुरक्षित है. बयान में कहा गया, "इक्विटी और डेट के तहत अडाणी समूह की कंपनियों में हमारी कुल हिस्सेदारी 36,474.78 करोड़ रुपये है... यह 31 दिसंबर, 2022 तक 35,917.31 करोड़ रुपये थी... पिछले कई वर्ष के दौरान समूह की कंपनियों की इन इक्विटी का कुल खरीद मूल्य 30,127 करोड़ रुपये है और 27 जनवरी, 2023 को बाज़ार बंद होने पर इसका बाजार मूल्य 56,142 करोड़ रुपये था..."
पंजाब नेशनल बैंक (PNB), जिसका अडाणी समूह की संस्थाओं में लगभग 7,000 करोड़ रुपये का निवेश है, ने कहा है कि यह हालात पर बारीक नज़र रखे हुए है.

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