Saturday, October 24th, 2026

कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला

भोपाल
प्रदेश में काम कर रहे एनजीओ हर साल 750 करोड़ रुपए यहां खर्च कर रहे हैं। इसके बाद भी हेल्थ सेक्टर में बड़े बदलाव की जरूरत है। ऐसे में इन एनजीओ को सिकल सेल एनिमिया को रोकने में सहयोगी बनाकर प्रदेश से इसे दूर किया जा सकता है। इससे मुक्ति मिलने पर प्रदेश में हेल्थ सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

यह बातें अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष सचिन चतुर्वेदी ने राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कहीं। यहां सामाजिक सेक्टर में विकास के लिए दो दिवसीय कार्यशाला हो रही है जिसमें हेल्थ, सोशल, शिक्षा और स्किल सेक्टर में काम करने वाले एनजीओ और डेवलपमेंट पार्टनर शामिल हो रहे हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने इसकी शुरुआत की और कार्यक्रम में मंत्री अरविन्द भदौरिया भी मौजूद रहे। चतुर्वेदी ने कहा कि राज्यपाल ने सिकल सिरेमिया दूर करने के लिए काम करने की बात कही है, इसलिए आज हो रहे कार्यक्रम में इसको लेकर सुझाव लिए जाएंगे और इसके लिए काम करने को आगे आने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

सुशासन संस्थान के उपाध्यक्ष चतुर्वेदी ने कहा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की आर्थिक गति के आधार पर सामाजिक विकास की गति बढ़ाने के लिए स्टडी करने की बात पिछले दिनों कही है। इसी कारण यह कार्यक्रम कराया जा रहा है। इसमें इस बात पर भी फोकस किया जाएगा कि प्रदेश के विकास के डाक्यूमेंट तैयार करने का काम कैसे कराया जाए? प्रदेश में ऐसे काम करने वालों की कमी सामने आई है। इसमें पीएचडी स्कालर्स और जिला स्तर पर एकत्र होने वाले आंकड़ों पर भी एकीकरण के लिए काम किया जाएगा ताकि डेटा एकरूप में सामने आए।

 

Source : Agency

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