Thursday, October 22nd, 2026

अफगानिस्तान के हालात के लिए ट्रंप ने जो बाइडेन को ठहाराया जिम्मेदार 

 नई दिल्ली 
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन को अफगानिस्तान के मौजूदा हालात के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया है। डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि जब यूएस अफगानिस्तान से हट रहा था तब जो बाइडेन ने कोई शर्त नहीं रखी, जिसकी वजह से खूंखार तालिबान ने वहां आतंक मचा रखा है। ट्रंप ने कहा कि जो बाइडेन ने अफगानिस्तान से बाहर आने के लिए 31 अगस्त की तारीख मुकर्रर की थी। लेकिन अगर मैं राष्ट्रपति होता तो यह डील कुछ अलग होती और ज्यादा सफलतापूर्वक होता। आपको बता दें कि साल 2020 में यूएस नो दोहा में तालिबान के साथ डील की थी। उस वक्त डोनल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे। जिसके बाद यूएस ने अपने सैनिकों को मई 2021 में अपनी सेना को वहां से हटा लिया था। इस साल जब जो बाइडेन ने अमेरिका के राष्ट्रपति की कुर्सी संभाली थी तब भी उन्होंने तालिबान के साथ कोई शर्त नहीं रखी थी। 


अब डोनल्ड ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि 'अगर मैं उस वक्त राष्ट्रपति होता तब दुनिया देखती कि किस तरह हम वहां से हटते यह शर्तों पर आधारित होता। ट्रंप ने दावा किया कि 'मैंने निजी तौर से तालिबान के शीर्ष नेताओं से बातचीत की थी, जहां उनलोगों ने इस बात को समझा था कि वो लोग जो अभी कर रहे हैं वो बर्दाश्त के लायक नहीं है। अगर मैं होता तो तालिबान के साथ समझौता कुछ अलग तरीके से हुआ होता। तालिबान भी इस बात को बेहतर तरीके से होता है।  

बहरहाल आपको बता दें कि अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि अमेरिकी सैन्य नेतृत्व ने जितना सोचा होगा उससे भी कहीं अधिक तेजी से अफगानिस्तान सरकार की सेना युद्धग्रस्त देश में तालिबान के सामने पस्त हो रही है। लेकिन व्हाइट हाउस, पेंटागन या अमेरिकी जनता के बीच इसे रोकने का उत्साह कम ही नजर आ रहा है और अब शायद कुछ करने के लिए बहुत देर भी हो चुकी है।    
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा अफगानिस्तान से अपने सैनिकों की पूर्ण वापसी की घोषणा किए जाने के बाद से युद्धग्रस्त देश में हर रोज हालात खराब होते जा रहे हैं। बाइडन ने स्पष्ट कर दिया है कि पिछले वसंत में किए गए निर्णय को पलटने का उनका कोई इरादा नहीं है, जबकि इसके परिणाम तालिबान के कब्जे की ओर इशारा करते हैं। 
     
अफगानिस्तान से अधिकतर अमेरिकी सैनिक वापस लौट आए हैं और तालिबान ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, लेकिन अमेरिका उसे रोकने की कोई कोशिश नहीं कर रहा है। अफगनिस्तान में 1996 से 9/11 (11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए भीषण आतंकी हमले) के हमलों तक शासन करने वाले तालिबान ने बुधवार को तीन और प्रांतीय राजधानियों तथा बृहस्पतिवार को एक और प्रांतीय राजधानी पर कब्जा कर लिया, जिससे देश के लगभग दो-तिहाई हिस्से पर उसका प्रभावी नियंत्रण हो गया है।

 

#ट्रंप

Source : Agency

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