17 देशों में क्रिप्टो वालेट बेचने वाला ठग इंदौर से गिरफ्तार
इंदौर
राज्य साइबर सेल ने ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है जो टेलिग्राम और वाट्सएप के माध्यम से करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह से जुड़ा था। आरोपित देश के 17 राज्यों सहित पाकिस्तान, बांग्लादेश, केन्या, नाइजीरिया, इंडोनेशिया के साइबर अपराधियों के संपर्क में था। अपराधियों से यूएसडी डालर लेकर क्रिप्टो वालेट और बैंक खातें मुहैया करवाता था। एजेंसी को शक है कि आरोपित हैदराबाद में पकड़े गए 700 करोड़ की ठगी के आरोपितों से भी जुड़ा है।
एसपी (साइबर) जितेंद्रसिंह के मुताबिक, पुलिस को निजी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने 2 लाख 62 हजार रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। फरियादी द्वारा बताया कि यूट्यूब पर लाइक/सब्सक्राइब करने पर कमाई का झांसा दिया। साइबर विशेषज्ञों की जांच में खुलासा हुआ जिन दो खातों में रुपये ट्रांसफर हुए उनमें डेढ़ करोड़ रुपये जमा है। पुलिस मोबाइल नंबर के आधार पर आगे बढ़ी और खजराना से इरफान खान को हिरासत में लिया।
इरफान द्वारा बताया कि नंबर मौसी का बेटा इमरान गौरी निवासी मनसब नगर चला रहा है। बुधवार को पुलिस ने इमरान को भी हिरासत में ले लिया। आठवीं पास इमरान मूलत: नागदा (उज्जैन) का रहने वाला है। कम्प्यूटर चलाने में माहिर इमरान ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर क्रिप्टो वालेट बनाना सीख लिया। वह क्रिप्टो वालेट (खाते) खरीदने वाले वाट्सएप ग्रूल जौकर से जुड़ गया। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से ग्रुप पर चर्चा हुई और इमरान एक वालेट के बदले दो से चार डालर कमाने लगा।

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