Wednesday, October 21st, 2026

नये वर्ष मे एसईसीएल में तीन हजार कर्मचारियो को मिली पदोन्नती

बिलासपुर
एसईसीएल ने बीते वर्ष मे संचालित की गयी गतिविधियाँ  तथा कंपनी द्वारा किये गये अन्य कार्यो की जानकारी मीडिया के साथ साझा की है। जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार कंपनी ने  नए वर्ष में कम्पनी ने लगभग 3 हजार से अधिक कर्मचारियों की पदोन्नति का आदेश जारी किया है। विभागीय चयन प्रक्रिया के जरिए भी कर्मचारियों के लिए बेहतर कैरियर संभावनाएँ प्रदान की जा रही हैं। कर्मचारियों के लिए कम्पनी में इन्सेन्टिव योजना व स्पाट इन्सेन्टिव स्कीम संचालित हो रही है जिसके अंतर्गत बेहतर कार्यनिष्पादन करने वाले कॉलरी कर्मियों को लाभ दिया जा रहा है।

सोलर परियोजनाएँ
एसईसीएल सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी निवेश कर रही है। भटगांव एवं विश्रामपुर क्षेत्र के चिन्हित भूमि पर 40 मेगावाट परियोजना के स्थापना की दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं तथा इस परियोजना हेतु लेटर आॅफ अवार्ड (एलओए) जारी कर दिया गया है। कम्पनी विभिन्न क्षेत्रों में 2 हजार किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पैनल के स्थापना के लिए भी अनुबंध फाईनल कर चुकी है। इन सबके अतिरिक्त ऊर्जा संरक्षण के लिहाज से परम्परागत बल्ब के स्थान पर 40 हजार एलईडी लाईट्स, 10 हजार से अधिक सुपर फैन, कम ऊर्जा खपत वाले 150 एसी, मोटर आदि क्रय किए जा रहे हैं तथा विभिन्न एरिया में चार्जिंग स्टेशन की सुविधा सहित इलेक्ट्रिक व्हीकल के उपयोग की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

रेल कॉरीडोर
कोल डिस्पैच के लिए तेजी से विकसित हो रही एसईसीएल की रेल कॉरीडोर परियोजनाएँ कंपनी व अंचल के लिए प्रगति के नए द्वार खोलेंगी। गत 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ ईस्ट रेल लिमिटेड के घरघोड़ा फ्रेट टर्मिनल से पहला कोल रेक लोड किया गया। इसके अतिरिक्त कोरीछापर से धर्मजयगढ़ लाईन के बीच झ्इंजन रोलिंगझ् हो चुकी है तथा धर्मजयगढ़ को गुड्स शेड के रूप में अधिसूचित किया जा चुका है। इन सबसे निश्चय ही मांड-रायगढ़ कोलफील्ड्स से कोयले के डिस्पैच को रफ्तार मिलेगी।

सितम्बर 2022 तक इसी रेल कॉरीडोर के घरघोड़ा-पेल्मा स्पर ;ैचनतद्ध लाईन की कमिशनिंग अपेक्षित है, वहीं छाल और बरौद फीडर लाईन पर भी तेजी से काम हो रहा है। गेवरा-पेन्ड्रा रोड की 135 किलोमीटर लम्बी ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरीडोर के विभिन्न सिविल कार्यों पर भी कार्य आरंभ हो चुका है।

सुरक्षा एवं बचाव
कंपनी अपने कामगार बन्धुओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। खनिक कामगारों को एससीएसआर (सेल्फ कंटेन्ड, सेल्फ रेस्क्युअर) किट, एलईडी कैप लैम्प की सुविधा प्रदान की गयी है। बड़ी खदानों में स्लोप स्टैबलिटी रडार की व्यवस्था शुरू की गयी है जो डम्प एवं ढलान की स्थिरता का निरंतर आँकलन करते रहते हैं। हम सभी का यह दायित्व है कि सुरक्षा मानकों का पूर्णरूपेण पालन करते हुए ही अपना कार्य सम्पादित करें।

भूमिगत खदान की टेक्नॉलॉजी कान्टिन्यूअस माईनर
कंपनी ने एमडीओ मोड पर खदानों के संचालन की दिशा में भी पहल की है तथा इस आधार पर पेलमा (15 एमटीवाई), मदन नगर (12 एमटीवाई), दुगार्पुर (6 एमटीवाई) तथा केतकी (0.87 एमटीवाई) कार्यान्वयन के अधीन हैं। नई तकनीक का विस्तार करते हुए हसदेव क्षेत्र के बेहराबांध एवं बिश्रामपुर क्षेत्र के गायत्री भूमिगत खदान में कान्टिन्यूअस माईनर लगायी जा रही है।

ठेका मजदूरों एवं आश्रित बच्चों को प्रोत्साहन
कान्ट्रेक्टर वर्कर्स के लिए कोलइण्डिया इन्डिविजूवल प्रोडक्टिविटी इम्पू्रवमेंट स्कीम के अंतर्गत स्पॉट रिवार्ड स्कीम चलायी जा रही है, जिसके तहत नियमित रूप से उत्तम कार्य करने वाले ठेका कामगारों को पुरस्कार दिया जाता है। इस वित्तीय वर्ष में कम्पनी ने आईआईटी, एनआईटी तथा गव्हर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं गव्हर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों में पढ?े वाले हमारे कर्मचारियों के लगभग 150 मेधावी बच्चों की ट्यूशन फीस व हॉस्टल चार्ज की प्रतिपूर्ति की है।

 

Source : Agency

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