Tuesday, October 20th, 2026

कोयले संकट के बीच एनर्जी के नए स्रोतों पर तीन दिन मंथन

जबलपुर
कोयले के अभूतपूर्व संकट के बीच जबलपुर में गुरुवार से तीन दिनी ‘मंथन-2022’ शुरू हुआ है। इसका उद्देश्य ऊर्जा संक्रमण या परिवर्तन की रणनीति बनाने और वित्तीय स्थिरता हासिल करने पर केंद्रित रहने वाली है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अफसर इस मंथन के जरिये विकल्पों की तलाश में भी जुटे हैं।

रामपुर स्थित तरंग प्रेक्षागृह में प्रमुख सचिव संजय दुबे से लेकर सभी 6 कंपनियों के एमडी, इंजीनियर, लाइनमैन मंथन कर रहे हैं कि उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाकर कंपनी की तकनीकी हानि को कैसे कम किया जा सके। मंथन में सचिव ऊर्जा एवं एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के एमडी विवेक पोरवाल, विद्युत कंपनियों के एमडी अमित तोमर, अनय द्विवेदी, गणेश शंकर मिश्रा शामिल हैं।

केन्द्रीय विद्युत सचिव आलोक कुमार, महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के डायरेक्टर, त्रिपुरा डिस्काम के पूर्व एमडी एम.एस. काले, एनटीपीसी के एजीएम बी.बी. पाधी, विश्व बैंक की सुरभि गोयल, पावर सिस्टम आॅपरेशन कारपोरेशन के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर वी. बालाजी का प्रजेंटेशन होगा। साथ ही पावर ग्रिड कारपोरेशन आॅफ इंडिया के डीजीएम सी.पी. अवस्थी, सीईएससी कोलकाता के शांतनु सेन, इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम एवं ग्लोबल स्मार्ट ग्रिड फेडरेशन के चेयरमेन रेजी पिल्लई, पीडब्ल्यूसी सामितोष मोहपात्रा, एमआईटी के स्टीफन, एनएलडीसी के समीर सक्सेना, रिन्यू पावर के अभिषेक रंजन, अलफ्रेड मनोहर, हरमनजीत सिंह नेगी प्रस्तुतिकरण देंगे।

1100 से ज्यादा यात्री ट्रेनें 24 मई तक रद्द
देश में कोयले संकट के बीच रेलवे लगातार बड़े कदम उठा रहा है। लेकिन यह प्रयास सफर करने वालों के लिए मुसीबत बन गया है। कोयले रेक के परिवहन के लिए रेलवे अब तक कई ट्रेनों को रद्द कर चुका है। अब एक बार फिर से रेलवे ने 1100 ट्रेनों को कैंसिल किया है। मई महीने में कोयले के चलते बिजली संकट के और बढ़ने की आशंका है, जिसके चलते कोयला रेक ट्रेनों के लिए यात्री ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है। 24 मई तक कम से कम 1100 ट्रेनें रद्द रहेंगी। इसमें मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की 500 ट्रिप शामिल हैं, जबकि पैसेंजर ट्रेनों की 580 ट्रिप्स शामिल हैं।

 

Source : Agency

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