कॉल सेंटर खोल ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
हल्द्वानी
उत्तराखंड के हल्द्वानी में पुलिस ने कॉल सेंटर खोलकर नई-नई साइटों में ऑफर देकर ठगी करने वाले ग्रुप का खुलासा किया है। पुलिस ने दिल्ली से साइबर बैंक फ्रॉड करने वाले अंतरराज्यीय गैंग के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जबकि एक आरोपी अब भी फरार चल रहा है। इनके कब्जे से साइबर ठगी में प्रयुक्त 19 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 8 सीपीयू और मॉनिटर बरामद हुए हैं। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को कोर्ट में पेशी के लिए भेज दिया गया है। गुरुवार को एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने कोतवाली स्थित बहुद्देशीय भवन में प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी। बताया कि आरोपियों ने बीती 18 अगस्त को आनंदपुरी फेस तीन निवासी अंकित शाह से कंपनी में ऑफर के नाम पर 12 हजार 390 रुपये ठग लिए थे। इसके बाद पुलिस टीम गठित कर मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाकर आवश्यक सूचना एकत्र की गई।
गुरुवार को मुखानी पुलिस टीम ने साउथ दिल्ली संगम विहार स्थित कॉल सेंटर पर दबिश देकर सुरेश कुमार पुत्र ईश्वर दास हॉल गोविंदपुरी नई दिल्ली और मूल देवगांव राजस्थान, चेतन शर्मा पुत्र गजेन्द्र गौहर निवासी ओल्ड फरीदाबाद हरियाणा और नगेन्द्र पुत्र घनश्याम निवासी ग्राम दौलताबाद सेक्टर-12 फरीदाबाद हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। चौथा आरोपी राजेश तोमर उर्फ राजू पुत्र धर्म सिंह निवासी बदरपुर नई दिल्ली फरार चल रहा है। पुलिस टीम में मुखानी थाना एसओ सुशील कुमार, एसआई त्रिभुवन जोशी, एसआई महेश जोशी, सिपाही प्रदीप पिलखवाल, एसओजी से गिरीश भट्ट, अशोक रावत, भूपेंद्र शामिल रहे।
ऐसा होता है मैनेजमेंट
गैंग द्वारा कॉल सेंटर में एक मैनजर नियुक्त किया जाता है और 7-8 कॉलिंग एजेंट रखे जाते हैं, जोकि प्राप्त डाटा, मोबाइल नंबर पर कॉल कर साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। मैनेजर फील्ड ब्वॉय का काम करता है।
ऐसे प्राप्त होता है डेटा
साइबर ठगों के पास मोबाइल नंबरों का डेटा प्राप्त करने के दो तरीके हैं। पहला मोबाइल कंपनी, शॉपिंग कंपनी और दूसरा संबंधित साइट में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म से। गैंग द्वारा जो वेबसाइट बनाई जाती है, वो बिल्कुल ओरिजिनल जैसी होती है। माल डिलिवर न होने पर, फ्रॉड करने के बाद जो शिकायत प्राप्त होती है, उन शिकायतकर्ताओं को उलझाने के लिए 2 कर्मचारी अलग से नियुक्त किए होते हैं। अधिक शिकायतें प्राप्त होने पर उक्त वेबसाइट को बंद करके नई वेबसाइट बनाई जाती है। अभी तक 10 हजार से अधिक लोगों को साइबर ठग कॉल कर चुके हैं।

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