Tuesday, October 20th, 2026

शेल्टर होम में रहने वालों की होगी जांच, बच्चों को बचाने की कवायद शुरू 

गोरखपुर
कोरोना से जंग को लेकर एक बार फिर से स्वास्थ्य महकमा तैयारी कर रहा है। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने विभाग के अधिकारियों के पेशानी पर बल ला दिया है। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। इसको देखते हुए कई मोर्चों पर एक साथ तैयारी शुरू की है। विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब रोजाना 55 सौ कोविड जांच करने की कोशिश विभाग कर रहा है। इसके लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन व एयरपोर्ट पर कोविड जांच बूथ सक्रिय कर दिए गए हैं। एयरपोर्ट से यात्रियों की प्रतिदिन सूची मंगाई जा रही है। साथ ही कोविड अस्पतालों व ऑक्सीजन प्लांटों की सक्रियता की जांच की जा रही है। इसकी तैयारी परखने के लिए आज की तरह कल यानी 18 दिसंबर को मॉकड्रिल भी आयोजित की जाएगी। 

बच्चों को बचाने की कवायद
शेल्टर होमों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इन होमों में 18 साल तक के बच्चे, किशोर व युवा रहते हैं। जिले में आठ शेल्टर होम हैं। इनमें से दो शिशु गृह में 10 वर्ष तक के बच्चे तथा बालिका गृह में 10 से 18 वर्ष तक के किशोर व युवा रहते हैं जो काफी हद तक दिव्यांग हैं। इन बच्चों की देखभाल के लिए तैनात आया व कर्मचारियों का टीकाकरण करा दिया गया है। यदि किसी की तबीयत खराब होती है तो उसे क्वारंटाइन कर इलाज होगा।
 

 

#Those living

Source : Agency

पाठको की राय