पीलीभीत एमपी वरूण गांधी के बेरोजगारी को लेकर वो पांच ट्वीट, युवाओं की नौकरी को लेकर उठाए ये सवाल
बरेली
पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने बेरोजगारी को लेकर ट्विटर पर मोर्चा खाेल दिया है। इस समय वह युवाओं की नौकरी यानि रोजगार को लेकर हमलावर है। वह ट्वीट के जरिए जहां सियासी हमला कर रहे है तो वही कई सवाल भी उठा रहे है। हाॅल ही में उन्होंने अपने ट्वीट के जरिए देश में 60 लाख स्वीकृत पदों के खाली होने के चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए थे। इसके पहले भी उन्होंने टीईटी परीक्षा सहित यूक्रेन रसिया वार के दौरान मेडिकल छात्रा के वायरल वीडियो को ट्वीट कर उन्होंने सवाल दागा था।
पीलीभीत सांसद वरूण गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर ट्वीट करते हुए जहां उनकी आलोचना की वहीं उन्होंने रेलवे में दस हजार पदों को समाप्त करने के प्रयास पर निशाना साधा।उन्होंने 29 मई को ट्वीट कर लिखा कि यह वित्तीय प्रबंधन है या फिर निजीकरण की तरफ बढ़ाया कदम है। सांसद ने ट्वीटर पर लिखा कि विगत छह वर्षों में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में 72 हजार पदों को रेलवे समाप्त कर चुका है। अब रेलवे एनसीआर जोन के दस हजार पदों को भी समाप्त करने जा रहा है।समाप्त होती हर नौकरी रेलवे की तैयारी कर रहे करोड़ों युवाओं की उम्मीदें तोड़ रही है।
इसके पहले पीलीभीत सांसद वरूण गांधी ने जो ट्वीट किया था उसमें उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए थे। उन्होंने ट्विटर पर देश में 60 लाख स्वीकृत पदों के खाली होने की जानकारी ट्वीट की थी।जिस उन्होंने ट्वीट कर लिखा है बेरोजगारी तीन दशकों में सर्वोच्च स्तर पर है, तब यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं।सांसद वरुण गांधी ने ट्विटर पर लिखा कि जहां भर्तियां न आने से करोड़ों युवा हताश व निराश हैं, वहीं ‘सरकारी आंकड़ों’ की ही मानें तो देश में 60 लाख ‘स्वीकृत पद’ खाली हैं। सांसद ने सवाल उठाते हुए कहा कि कहां गया वो बजट जो इन पदों के लिए आवंटित था? यह जानना हर नौजवान का हक है।
इसके पूर्व उन्होंने मार्च 2022 में यूक्रेन रसिया विवाद पर ट्वीटर के माध्यम से केंद्र सरकार को असहज करने वाला सवाल उठाया था। ट्वीटर पर ट्वीट कर उन्होंने लिखा था सही समय पर सही फैसला न लेने के कारण 15 हजार भारतीय छात्र युद्ध क्षेत्र में फंसे हुए हैं।हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए।उन्होंने लिखा कि ठोस रणनीतिक और कूटनीतिक कार्यवाही कर इनकी सुरक्षित वापसी इन पर कोई उपकार नहीं बल्कि हमारा दायित्व है।उन्होंने यूक्रेन में फंसी एक छात्रा की ओर से जारी किया गया वीडियो भी ट्वीटर पर अपलोड किया था।
दो दिसंबर 2021 को उन्होंने युवाओं की बेरोजगारी की समस्या पर ट्वीट कर सरकार को घेरा था।उन्होंने लिखा था कि आखिर भारत का नौजवान कब तक सब्र करे। पहले तो सरकारी नौकरी ही नहीं है, फिर भी कुछ मौका आए तो पेपर लीक हो।परीक्षा दे दी तो सालों साल रिजल्ट नहीं, फिर किसी घोटाले में रद हो। रेलवे ग्रुप डी के सवा करोड़ नौजवान दो साल से परिणामों के इंतजार में हैं।सेना में भर्ती का भी वही हाल है।ऐसे में भारतीय नौजवान आखिर कब तक सब्र करे।
इसके पहले भी उन्होंने युवाओं और रोजगार को लेकर ट्वीट किए है।इसके अलावा वह किसानों, लखीमपुर खीरी कांड, एमएसपी सहित अन्य संवेदनशील मुद्दों पर ट्वीट कर चुके है।इसके साथ ही सवाल भी उठा चुके है।उनके द्वारा उठाए गए सवाल सरकार को असहज करने वाले रहे है।जिसका सिलसिला अब तक लगातार जारी है।

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