Friday, October 23rd, 2026

फिर पिछड़ा भोपाल: लक्ष्य पाने वसूलने होंगे 5 दिन में 50 करोड़

भोपाल
मार्च माह में राजस्व वसूली ही अफसरों की प्राथमिकता रहती है। जिले में इस बार अवैध कॉलोनियों पर हुई कार्रवाई के बाद किस्तों में उनसे शुल्क वसूला गया। कई विभागों को आवंटित हुई जमीनों में से कुछ ने रुपए जमा कराए। शहर सर्किल में एनजीटी को जमीन आवंटित हुई है, इनके 16 करोड़ रुपया लगभग इस सर्किल को प्राप्त हो चुका है।

राजधानी के बीचोंबीच स्थित एमपी नगर में एक मॉल से 3 करोड़ 46 लाख की वसूली के बाद ये सर्किल टॉप पर है। हुजूर तहसील में लगभग 12.50 करोड़ की वसूली होने की आस है। यहां अवैध कॉलोनियों से डायवर्सन वसूली के साथ अन्य राजस्व प्रकरणों से वसूली की जा रही है। हालांकि अफसरों की मेहनत के बाद भी जिला प्रशासन का लक्ष्य तक पहुंचना कठिन दिख रहा है। 25 मार्च की स्थिति में 120 करोड़ लक्ष्य के विपरीत लगभग 70 करोड़ की ही प्राप्त हुआ है। ऐसे में बचे हुए पांच दिनों में 50 करोड़ वसूलना मुश्किल जान पड़ता है।

हर साल में वसूली करना जरूरी
कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बीते दिनों अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आखिरी सप्ताह में हर संभव प्रयास करके अधिक से अधिक वसूली का लक्ष्य प्राप्त करें। कोलार तहसील में डासवर्सन सहित अन्य मदों से लगभग 13 करोड़ की वसूली हो चुकी है। बाकी अन्य एसडीएम सर्किल और तहसील में स्थिति ज्यादा ठीक नहीं है। ऐसे में जिले में राजस्व लक्ष्य का प्रतिशत कुछ और बढ़ने की संभावना है।

जमीनों की नीलामी में मिले 65 करोड़
जिले में बेकार पड़ी सरकारी जमीनों को लेकर इस बार नीलामी से करीब 65 करोड़ रुपए और प्राप्त हुआ है। लेकिन इसे जिले की राजस्व वसूली में शामिल नहीं किया गया। गौरतलब है कि कोरोना के बाद सरकार ने अपनी बेकार पड़ी जमीनों की नीलामी कराई है। इसमें से काफी जमीनें आॅनलाइन नीलामी में बिक भी गई, काफी में अतिक्रमण होने के कारण वे बिक नहीं रही हैं।

हुजूर-बैरसिया में अगले साल ज्यादा राजस्व
राजधानी के आस-पास एक नहीं कई इंडस्ट्री के लिए जमीनों का आवंटन होने जा रहा है। अधिकतर जमीनें हुजूर और बैरसिया तहसील में हैं, ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष तक इन दोनों तहसीलों में अधिक राजस्व मिलने की संभावना है। अफसरों का दावा है कि अगले साल से कुल राजस्व का करीब 40 फीसदी हिस्सा यहां से कवर हो सकेगा।

 

Source : Agency

पाठको की राय