Wednesday, August 12th, 2026

आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा; जानें कहां-कहां दिखेगा

आज 12 अगस्त 2026 को भारतीय समय के अनुसार, यह ग्रहण (Surya Grahan time) रात 09 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त की देर रात 01 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का पीक यानी चरम रात 11 बजकर 16 मिनट पर होगा। जानें आज लगने वाले सूर्य ग्रहण से जुड़ी सभी जरूरी बातें। श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। जानें आज लगने वाले सूर्य ग्रहण से जुड़ी सभी जरूरी बातें। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण है जो कि कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि सूर्य ग्रहण एक नकारात्मक घटना होती है जिसका देश-दुनिया के साथ राशियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव ही पड़ता है। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में ग्रहण शुभ भी होता है। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर ही लगता है। यह ग्रहण सावन अमावस्या पर लग रहा है, जिसे हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है। सावन अमावस्या तिथि पर शिव उपासना के साथ स्नान, दान और पितरों के तर्पण का विशेष महत्व होता है।

जानें कब कुंडली में 'विजय योग' बनाते हैं राहु-सूर्य

सूर्य और राहु की युति से बनने वाले ग्रहण योग का नाम सुनते ही आमतौर पर लोग भयभीत हो जाते हैं. इसे अक्सर नकारात्मक प्रभाव देने वाला योग माना जाता है. लेकिन इसका फल पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि यह युति किस भाव और किस राशि में बन रही है. कई स्थितियों में यही ग्रहण योग राजयोग की तरह सकारात्मक परिणाम भी देता है. छठा भाव भी ऐसी ही विशेष स्थिति वाला भाव माना जाता है। 

छठा भाव शत्रु, रोग, ऋण और प्रतियोगिता का कारक भाव होता है. जब इस भाव में सूर्य और राहु की युति से ग्रहण योग बनता है तो प्रारंभिक स्तर पर कुछ चुनौतियां जरूर सामने आती हैं. व्यक्ति को अपने कार्यक्षेत्र में विरोध, बाधाएं और सहयोगियों से मतभेद का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही, पिता के साथ विचारों में टकराव की स्थिति भी बन सकती है. लेकिन इन सबके बावजूद यह योग व्यक्ति को अंदर से मजबूत और संघर्षशील बनाता है। 

ग्रहण योग कब बनाता है विजय योग?
छठे भाव में बनने वाला यह ग्रहण योग व्यक्ति को अपने शत्रुओं पर विजय दिलाने की क्षमता देता है. विरोधी चाहे कितने भी मजबूत क्यों न हों, वे लंबे समय तक टिक नहीं पाते हैं. कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी ऐसे व्यक्ति को सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है. यही कारण है कि इस योग को कई मामलों में ‘विजय योग’ के रूप में भी देखा जाता है। 

आज सूर्य ग्रहण के बाद मेष राशि वाले क्या उपाय करें?
 मेष राशि वालों के लिए ग्रहण के परिणाम अच्छे नहीं है। इस समय आपको पारिवारिक और आर्थिक परेशानियां परेशान कर सकती हैं। पैसों का नुकसान हो सकता है। मेष राशि वालों को इस समय वाहन प्रयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। चोट-चपेट से बचाव करें। इस दौरान अपनी योजनाओं को गोपनीय रखें, वरना बना हुआ काम टल सकता है। ग्रहण के खराब प्रभाव से बचने के लिए सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद गुड़ का दान करना अच्छा रहेगा।

विशेष रूप से यदि ऐसा व्यक्ति वकालत या कानून से जुड़े क्षेत्र में हो तो उसे इस योग का विशेष लाभ मिलता है. उसकी तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास और विरोधियों को परास्त करने की योग्यता उसे सफल बनाती है. कार्यस्थल पर भी भले ही कुछ लोग बाधाएं उत्पन्न करें, लेकिन व्यक्ति का प्रभाव और दबदबा बना रहता है, जिससे अंततः सफलता उसी के हिस्से में आती है। 

तुला राशि में ग्रहण योग देता है लाभ
यदि यह ग्रहण योग सूर्य की नीच राशि तुला में बनता है तो इसके परिणाम और भी रोचक हो जाते हैं. इस स्थिति में सूर्य चौथे भाव का स्वामी होकर छठे भाव में स्थित होता है. ज्योतिष में छठे भाव में नीच ग्रह का होना कई बार शुभ फलदायी माना जाता है, क्योंकि यह नकारात्मकताओं को नियंत्रित करने की क्षमता देता है. ऐसे में व्यक्ति को संपत्ति, वाहन और भौतिक सुख-सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। 

हालांकि ऐसे व्यक्तियों को अपने स्वभाव में संतुलन बनाए रखना चाहिए. विशेष रूप से बड़बोलापन और अहंकार से बचना जरूरी है, क्योंकि यह उनके संबंधों और छवि को नुकसान पहुंचा सकता है. संयमित व्यवहार और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से इस योग के अच्छे परिणाम और भी बढ़ सकते हैं. छठे भाव में सूर्य-राहु का ग्रहण योग केवल भय का कारण नहीं होती, बल्कि सही समझ और दृष्टिकोण के साथ वही स्थिति सफलता और विजय का मार्ग भी प्रशस्त कर सकती है। 

 सूर्य ग्रहण का देश-दुनिया पर प्रभाव
सूर्य ग्रहण कर्क राशि में लग रहा है। यह जल तत्व की राशि है। इस राशि में ग्रहण लगने के कारण जल से जुड़ी प्राकृतिक घटनाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा भूकंप जैसी घटनाओं की भी आशंका जताई गई है। ग्रहण का असर राजनीति या सत्ता पर भी देखने को मिल सकता है।

 सूर्य ग्रहण के सूर्य बदलेंगे राशि
सूर्य ग्रहण के कुछ दिन सूर्य अपनी राशि बदलेंगे। 17 अगस्त 2026 को सूर्य सिंह राशि में गोचर करेंगे। सिंह राशि में सूर्य आने का प्रभाव देश-दुनिया के साथ मानव जीवन पर पड़ेगा। सूर्य ग्रहण के बाद सूर्य गोचर से सिंह, कुंभ और कन्या राशि वालों को अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।

 यहां 64 साल बाद दिखेगा ऐसा दुर्लभ सूर्य ग्रहण
1999 से 27 वर्ष बाद 12 अगस्त 2026 को यूरोप की मुख्य भूमि पर पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने वाला है। अब 64 वर्ष बाद 23 सितंबर 2090 को पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के लोग देख पाएंगे। सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ समय के लिए चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। सूर्य का एक हिस्सा पूरी तरह से ढक जाता है और आसमान में इस समय अनोखा नजारा देखने को मिलता है।

 सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से देखा जा सकता है या नहीं?
खगोलीय वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए। ग्रहण के समय निकलने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणें आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

 सूर्य ग्रहण कब होगा पीक पर
आज रात 11 बजकर 16 मिनट पर सूर्य अपने पीक पर होगा। आसमान में पूर्ण सूर्य ग्रहण की घटना रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगी। इस समय चंद्रमा सूर्य का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा ढक लेगा। हालांकि भारत में इस समय रात होने के कारण लोग यह अद्भुत नजारा नहीं देख पाएंगे।

 

#Solar Eclipse

Source : Agency

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