कोचियों के घर के रास्ते को घेरा , पियक्कड़ों को चेतावनी दे लौटाया महिलाओं ने
रायपुर
बीते सोमवार को समझाईश देने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज न आने वाले शराब कोचियों द्वारा शराब का जखीरा रख बेचने की जानकारी मिलने पर ऐन होलिका दहन के दिन ग्राम बुडेनी की आक्रोशित महिलाये शाम ढलते ढलते फिर एकत्रित हो गयी। शराब का जखीरा जप्त कराने आबकारी व पुलिस प्रशासन को सूचित करने के बाद भी उनके न पहुंचने से आक्रोशित महिलाओं ने ग्रामवासियों के सहयोग से कोचियों के घर के रास्ते का घेराबंदी कर पियक्कड़ों द्वारा खरीदे जाने वाले शराब की बोतलों को फोडने के साथ - साथ घेराबंदी का अभियान जारी रखने व भविष्य में फिर इस ओर रुख न करने की चेतावनी दे वापस लौटाया। अमूमन होलिका दहन के दिन पियक्कड़ों की गतिविधियों के चलते घर से बाहर न निकलने वाली महिलाओं के इस जुझारू साहसिक कदम की आसपास के ग्रामों में प्रशंसा हो रही है।
ज्ञातव्य हो कि खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम बुडेनी से लगे ग्रामों में ग्रामीण व्यवस्था के तहत अवैध शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगे रहने से इन ग्रामों के मदिराप्रेमी भी बुडेनी का रुख करते हैं जिसकी वजह से इस ग्राम में आक्रोशित माहौल बना रहता है। एक समाज विशेष के 3 आपराधिक रिकॉर्डधारी व्यक्तियों के परिवार द्वारा अवैध शराब बेचने व शासन - प्रशासन से मनुहार पर मनुहार के बाद भी इस पर स्थायी रोक न लगने व लिप्त परिवार द्वारा ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों के मनाही को भी अनदेखा करने से ग्रामीणों का आक्रोश दिनोदिन पनप रहा था। अवैध शराब बिक्री से त्रस्त ग्रामों की टेकारी में आयोजित बैठक में इसके खिलाफ मुहिम छेडने के निर्णय व पुलिस प्रशासन को सूचना देने के बाद बीते शनिवार को थाना अमला ने इस ग्राम के एक कोचिया को 50 पौव्वा शराब के साथ गिरफ्तार कर जेल दाखिल कराया था। इसके बाद भी इस कोचिये के परिवार व 2 अन्य कोचियों द्वारा अवैध शराब बिक्री जारी रखने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया था व बीते सोमवार को महिलाओं ने ग्रामीण सभा व पंचायत प्रतिनिधियों के साथ जा इन कोचियों को समझाईश दी थी।
इसके बाद भी बीते कल मंगलवार को होलिका दहन के दिन इनके द्वारा शराब का जखीरा रख शराब बिक्री जारी रखने की जानकारी मिलने पर आनन फानन में महिलाओं ने ग्रामीणों को इकट्ठा किया। सरपंच जनक यदु ने आबकारी व पुलिस प्रशासन को फोन के माध्यम से इसकी जानकारी दी पर संभवत: अन्य व्यस्तता के चलते नहीं पहुंच पाये। इधर बढ़ रहे आक्रोश के अन्यथा रुप लेने से पहले ही ग्राम के बड़े बुजुर्गो के समझाईश पर महिलाओं ने ग्रामीणों के साथ कोचियों के घरो के रास्ते की नाकाबंदी कर पहरा देना शुरू कर दिया और आने वाले मदिराप्रेमियो को समझाईश व भविष्य में फिर इस ओर रुख न करने की चेतावनी दे वापस लौटाना शुरू किया। इसके चलते नजदीकी ग्रामों से आने वाले मदिराप्रेमी भी खाली हाथ लौटे।

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