Thursday, October 22nd, 2026

डेटा के उपयोग से प्रभावी होगी क्लाइमेट चेंज की स्टोरी

अमिताभ पाण्डेय, भोपाल.
क्लाइमेट चेंज के कारण प्राकृतिक ,  सामाजिक , आर्थिक क्षेत्र में होने दुष्प्रभाव की तथ्यपूर्ण जानकारी देने और उसमें डेटा का उपयोग कर प्रभावी स्टोरी बनाने के बारे में  कार्यशाला का शुभारंभ आज अजीम प्रेमजी विश्व विद्यालय के परिसर में हुआ। इस अवसर पर प्रोफेसर शांतनु गोस्वामी ने बताया कि धरती का तापमान हर वर्ष 1. 5 डिग्री सेल्सियस की दर से बढ़ रहा है। से रोकने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होंगे। कार्बन उत्सर्जन को कम करना होगा ।

श्री गोस्वामी ने कहा कि क्लाइमेट चेंज महत्वपूर्ण विषय है लेकिन इस पर जनप्रतिनिधि ज्यादा चर्चा नहीं होती। संसद में ऐसे मुद्दों पर बात होना चाहिए। कार्यशाला में डेटा विशेषज्ञ राजित सेनगुप्ता ने बताया की क्लाइमेट चेंज के बारे में स्टोरी बनाते समय डेटा रेफर, फ्लैरिश, रा ग्राफ , का उपयोग करना चाहिए। हर स्टोरी में डेटा का उपयोग अलग अलग दृष्टिकोण से किया जा सकता है।

डेटा स्टोरी  प्लान करते हुए फ्लो चार्ट बनाएं , स्टोरी आइडिया के साथ ऐसा डेटा डालें जो की विश्वसनीय एजेंसी से लिया गया हो। उस एजेंसी के नाम का जिक्र जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेटा उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के अपने हित भी हो सकते हैं। इसका हमें ध्यान रखना चाहिए।

दो दिवसीय कार्यशाला का आज पहला दिन है। इसमें इंडिया स्पेंड से शुभम शर्मा , मिथिलेश धर ,  कार्थिक , अज़ीम प्रेमजी विश्व विद्यालय से सीमा मंडलोई , बूम लाइव से दिव्या चंद्रा अपने विचार प्रकट करेंगी । इस कार्यशाला में  वरिष्ठ पत्रकार सुधीर गोरे  कमल किशोर , मीनल ,  रितिका , नंदनी ,  हर्षदीप , इबाद , अयान , श्रुति , पल्लवी , शुचिता झा , प्रियंका झा, मिथिलेश , सौरभ शर्मा , ऋषभ - अभिमन्यु श्रीवास्तव , रोहित शिवहरे , भी शामिल हैं।

 

Source : Agency

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