भारत रत्न विश्वेश्वरैया के बताए रास्ते पर चलकर प्रदेश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है - मंत्री सिलावट
भोपाल
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बोधी कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का आधुनिक भारत की नींव रखने वालो में प्रमुख स्थान है। उनके बताये रास्ते पर चलकर प्रदेश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। जब देश आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था, उस समय विश्वेश्वरैया भारत में बांध निर्माण, बिजली उत्पादन, और पुल निर्माण में अपने ज्ञान और शोध से आधुनिक भारत की नींव रख रहे थे। अभियंता समाज में नई व्यवस्था के प्रेरणा स्त्रोत रहे हैं। आज के सभी युवा शोध कार्य अभियंताओं को लगातार सीखना चाहिए। नए सिद्धांतों को बनाना और उन पर कार्य करना ही कर्तव्य होना चाहिए।
मंत्री सिलावट ने कहा कि जल संसाधन विभाग में अभियंताओं की नई सोच और तकनीकी से सिंचाई परियोजना में बांध निर्माण और नहरों के निर्माण को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा। विभाग की कार्यप्रणाली में भी लगातार आधुनिकता की आवश्यकता रहती है। कुशल प्रबंधन के साथ नई टेक्नोलॉजी को बनाना ही एक अभियंता का काम है और यह सदैव नवीनता को अपनाती है।
अभियंता दिवस की सार्थकता इसी में है कि मानव जीवन शैली को नई तकनीकों से आसान और सरल बनायें। मानव समाज में जीवटता बनी रहे अभियंता का एक मात्र लक्ष्य होना चाहिए1
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव मिश्रा ने कहा कि सिविल काम की तकनीकी लगातार उन्नत होती रहती है जब हमने पढ़ाई की थी उस समय और आज के संसाधनों में बहुत बदलाव आया है। अभियंता दिवस भारत रत्न विश्वेश्वरैया की जयंती पर उनको सच्ची श्रद्धांजलि है और अभियंताओं की उनके काम के प्रति समाज की कृतज्ञता है जो मानव जीवन शैली को लगातार आसान बना रहे है। अभियंता वास्तव में आपकी जिंदगी में बेहतरी लाने का प्रयास करते हैं।
कार्यक्रम में मंत्री सिलावट और अपर मुख्य सचिव मिश्रा ने कोविड 19 के कारण विभाग के 5 कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके परिवार सदस्य को समारोह पूर्वक गुलदस्ते के साथ नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं अंकित, नैना गुप्ता, राहुल जायसवाल, मनोज चौहान, वासु वारवे, सुश्री आभा बघेल, दीपेंद्र कुशवाह, दिव्यांशु सहित प्रदेश के अलग अलग जगह से आए 50 से अधिक अभियंताओं को उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया।

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