कोयले की कमी से कई राज्यों में स्थिति डंबाडोल, गहराया बिजली संकट
लखनऊ/मध्यप्रदेश। कोयले की कमी से कई राज्यों में स्थिति डंबाडोल होने लगी है। उत्तर प्रदेश में चल रहा बिजली संकट आने वाले दिनों में और भीषण हो सकता है। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक 15 अक्टूबर से पहले कोयले की सप्लाई में किसी भी तरह का सुधार होता नहीं दिख रहा है। उमस और बिजली की मांग बढ़ने की वजह से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों में भयंकर रूप से बिजली की कटौती हो रही है। ग्रामीण इलाकों में घोषित रूप से 4 से 5 घंटे की कटौती हो रही है, तो शहरी उपभोक्ताओं को भी अघोषित रूप से घंटों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। पावर कॉरपोरेशन को बिजली देने वाले 8 पावर प्लांट मौजूदा समय में कोयले की कमी की वजह से बंद चल रहे हैं। वहीं 6 पावर प्लांट अन्य तकनीकी वजहों से बंद हैं। कोयले की कमी से जो पावर प्लांट बंद चल रहे हैं, उनसे पावर कॉरपोरेशन को 2700 मेगावाट बिजली मिलती है।
मंत्री प्रद्युम्न बोले-पेमेंट की व्यवस्था पूरी, नहीं होगी समस्या
मध्य प्रदेश में भी कोयले की कमी से बिजली की सप्लाई पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। गुरुवार शाम तक बिजली संयंत्रों के लिए एक दिन का ही कोयला बचा था। कई बिजली संयंत्रों में उत्पादन रोक दिया गया है या उनमें पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं हो रहा है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि कोल इंडिया को बकाया पैसों के भुगतान की व्यवस्था कर ली गई है और प्रदेश में बिजली की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन नवरात्रि के दौरान इसकी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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