Thursday, October 22nd, 2026

जिला शिक्षा अधिकारी और पंचायत सचिव की सम्पत्ति होगी राजसात

भोपाल। प्रदेश में भ्रष्टाचार के जरिए अवैधानिक कमाई करने वाले सरकारी महकमों के अफसरों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। एक जिला शिक्षा अधिकारी और एक पंचायत सचिव की सम्पत्ति राजसात करने के लिए भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत विशेष न्यायालय में केस चलाकर सुनवाई की जाएगी।

 सिवनी जिले की माध्यमिक कन्या शाला मठ की प्रधान अध्यापिका और जिला शिक्षा अधिकारी ताराचंद पटले ने पद पर रहते हुए भ्रष्ट साधनों का इस्तेमाल करते हुए आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित की थी। उनके विरुद्ध वर्ष 2012 में जांच कर प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों की छानबीन में यह प्रमाणित हुआ है कि वंदना पटले ने भ्रष्ट साधनों का सहारा लेकर आय से अधिक अनुपातहीन सम्पत्ति अर्जित की है। राज्य सरकार ने उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनयम के अधीन गठित विशेष न्यायालय में केस चलाकर सुनवाई करने का निर्णय लिया है। सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय के आदेश पर उनकी अनुपातहीन सम्पत्ति राजसात की जाएगी।
इसी तरह सीधी जिले की जनपद पंचायत सीधी की ग्राम पंचायत  जमुनिहा के सचिव राजकुमार सिंह ने भी पद पर रहते हुए भ्रष्ट साधनों से अपनी आय से अधिक अनुपातहीन सम्पत्ति अर्जित की है। उनके विरुद्ध जांच एजेंसी ने वर्ष 2014 में कार्यवाही कर जांच की थी। उनके पास मिले दस्तावेजों के आधार पर सरकार ने पाया है कि उन्होंने भ्रष्ट साधनों से आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित की है। उनके विरुद्ध भी भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायालय में केस चलाते हुए सुनवाई की जाएगी। निर्णय के आधार पर सम्पत्ति राजसात करने की कार्यवाही की जाएगी।

 

Source : Agency

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