Monday, July 27th, 2026

'प्रधानमंत्री भगवान नहीं, मजाक लोकतंत्र का हिस्सा'— साइबर एक्शन पर सौरव दास का बड़ा बयान

नई दिल्ली

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली समेत अन्य बीजेपी शासित राज्यों में पुलिस द्वारा छात्रों को धमकाने का आरोप लगाया है. उन्होंने आजतक से विशेष बातचीत में कहा, 'हमारे साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकार की ओर से यह भरोसा दिया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर एफआईआर नहीं दर्ज होगी, जो एफआईआर दर्ज हैं उन्हें वापस लिया जाएगा और भविष्य में भी उनके खिलाफ बदले की भावना से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी. सरकार ने हमें यह लिखित में देने को कहा था, जिसका कल आखिरी दिन है। 

सौरव दास ने आगे कहा, 'हमें देशभर के कई राज्यों से यह पता चल रहा है कि काफी क्रैकडाउन हो रहा है. बच्चों को डिटेन किया जा रहा है, मास एफआईआर फाइल हो रही हैं. हमें बताया गया है कि बिहार में 500 एफआईआर फाइल हुई हैं और बहुत कड़ी धाराएं लगाई गई हैं. मैं कहना चाहूंगा कि सरकार ने हमें जो गारंटी दिया था, उस पर उसे अमल करना चाहिए. उन्होंने इस देश के युवाओं से जो वादा किया था उसे निभाना चाहिए. हमारी शर्तों में ये भी शामिल था कि सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बीजेपी शासित और उसके सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों में भी ये लागू होना चाहिए. हम केंद्र सरकार से उस लेटर का वेट कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि कल तक हमारे पास आ जाए वो लेटर। 

दिल्ली पुलिस द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को लेकर की गईं भद्दी टिप्पणियों वाली पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर सौरव दास ने कहा, 'क्या ऑफेंसिव है? क्या कोई मजाक ऑफेंसिव है, कोई बयान ऑफेंसिव है. आपके लिए जो ऑफेंसिव है, शायद हमारे लिए ऑफेंसिव नहीं है. इसी तरह जो हमारे लिए ऑफेंसिव है, हो सकता है आपके लिए ना हो. इसलिए अगर पुलिस को इतनी छूट दे दी गई तो इसे सेंसरशिप टूल की तरह ही यूज करेगी. फिलहाल ऐसा ही हो रहा है. अगर किसी ने हल्का सा मजाक कर दिया प्रधानमंत्री के ऊपर, तो क्या प्रधानमंत्री भगवान हैं? लोग मजाक तो करेंगे ही. ये तो लोकतंत्र का हिस्सा है. लेकिन ऐसा कॉन्टेंट हटाया जा रहा है। 

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि इस सरकार ने पिछले वर्षों में जितनी ज्यादा सेंसरशिप की है, उतना ही अधिक कॉन्टेंट बना है. सरकार से मैं कहना चाहूंगा कि उसने जो गारंटियां हमें दी हैं, उन्हें अमल में लाने पर ध्यान देना चाहिए. इस बात पर नहीं कि कैसे सेंसरशिप लागू कर दें, कैसे बच्चों को एफआईआर में फंसा दें. हमें जो गारंटी दी गई है सरकार की ओर से, वो सिर्फ कॉकरोच जनता पार्टी के लिए नहीं हैं, वो उन लाखों युवाओं के लिए भी हैं जो देशभर में सड़कों पर उतरे थे. अगर आप उसपे अमल नहीं करते हैं तो युवाओं को फिर से सोचना पड़ेगा कि क्या उन्हें सड़कों पर फिर से उतरना पड़ेगा. भले ही बच्चे जंतर-मंतर से अभी के लिए चले गए हों, लेकिन ज्यादा टाइम लगेगा नहीं वापस आने में. देश का युवा जागरूक हो चुका है और उनमें बहुत एकता है। 

 

#modi

Source : Agency

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