मां शबरी और निषादराज की लीलाओं ने दर्शकों का मन मोहा, बालक हाईस्कूल में हुआ जीवंत मंचन
धार
शासन के संस्कृति विभाग के द्वारा आयोजित वनवासी लीलाओं का मंचन विगत दिवस जिला मुख्यालय पर स्थित शासकीय बालक हाईस्कूल, घोड़ा चौपाटी, धार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवम् मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर नगर पालिका परिषद धार के उपाध्यक्ष कालीचरण सोनवानिया एवं जनपद पंचायत शिक्षा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह मंडलोई, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती सुप्रिया बिसेन के द्वारा किया गया।
मां शबरी और निषादराज के प्रसंगों को किया जीवंत
वनवासी लीलाओं के मंचन के प्रथम दिवस मां शबरी के वृतांत का विस्तार से नाट्य मंचन ग्वालियर के कलाकारों के द्वारा किया गया। जिसमें किस प्रकार मां शबरी की प्रतीक्षा एक दिन फलीभूत होती है और भगवान राम स्वयं उनकी कुटिया में आते हैं और शबरी के जूठे बेर खाकर सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं।
इसी प्रकार दूसरे दिवस भी कलाकारों ने निषादराज प्रसंग का सफल मंचन किया। इसमें दर्शाया गया कि केवट किस प्रकार से भगवान राम को नदी पार करवाने के लिए उनके पैर धोने की जिद पकड़ लेते हैं कि बिना चरण पखारे वे भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता को अपनी नाव में नहीं बैठाएंगे। क्योंकि उन्होंने सुन रखा है कि उनके चरणों के स्पर्श से पत्थर भी नारी बन जाती है तो कहीं उनकी नाव भी नारी बन गई तो वे आजीविका कैसे चलाएंगे। भगवान राम के चरण पखारने के बाद ही केवट भगवान को अपनी नाव में बैठाकर नदी पार करवाते हैं। नाट्य कलाकारों के द्वारा इन दृश्यों को बहुत ही प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। जिसको उपस्थित जनप्रतिनिधियों व जनसमुदाय ने मुक्त कंठ से सराहा। उक्त जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी बाबू सिंह नायक ने दी। कार्यक्रम स्थल पर एंबुलेंस और चिकित्सकीय सुविधा विद्यालय प्रशासन द्वारा चिकित्सा विभाग के सहयोग से उपलब्ध करवाई गई थी।

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