समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति का उत्थान सरकार का मुख्य ध्येय - बघेल
रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अध्यक्ष तथा सदस्यों के कार्यभार ग्रहण समारोह में राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल रूप से शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल और सदस्यों श्याम जायसवाल, अनिल सिंह, श्रीमती मंजू सिंह, बलराम मौर्य तथा दुर्गेश जायसवाल को उनके नवीन दायित्व के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति का उत्थान हमारी सरकार का मुख्य ध्येय है। इनके हित में प्रदेश में अनेक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल का उल्लेख करते हुए बताया कि इसका कार्य क्षेत्र व्यापक है। कर्मकार कल्याण मण्डल इसे ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण राज्य में श्रमिकों के जीवन स्तर में बदलाव और खुशहाली के लिए हर संभव पहल करे। साथ ही श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं का हितग्राहियों को भरपूर लाभ दिलाएं।
कार्यक्रम को कर्मकार कल्याण मण्डल के नवनियुक्त अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल ने अपने कहा कि मुझे श्रमिकों के सामाजिक आर्थिक विकास तथा कल्याण की जिम्मेदारी मिली है, उस दिशा में कार्य करते हुए मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया के मार्गदर्शन में और सदस्यों के सहयोग से श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुचाने का कार्य करूँगा। विभागीय मंत्री डॉ डहरिया ने भी नवनियुक्त अध्यक्ष और सदस्यों को मिलकर बधाई और शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, बस्तर विधायक दीपक बैज, दंतेवाड़ा विधायक श्रीमती देवती महेंद्र कर्मा मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वर्चुअल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अध्यक्ष खनिज विकास निगम गिरीश देवांगन, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम रामगोपाल अग्रवाल, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग राजेन्द्र तिवारी, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल कुलदीप जुनेजा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम शैलेश नितिन त्रिवेदी, सदस्य महेश अग्रवाल, सतीश अग्रवाल सहित सचिव राजेश कुमार पात्रे सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

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