Monday, October 19th, 2026

JPSC-JSSC CGL भर्ती मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नियुक्त अभ्यर्थियों की नौकरी पर रोक जारी

रांची
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं के विज्ञापन को रद्द करने के राज्य सरकार की अधिष्टा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में प्रार्थियों व राज्य सरकार का पक्ष सुना पक्ष सुनने के बाद अदालत ने अधिसूचना पर रोक को अगले आदेश तक बरकरार रखा.

सिर्फ अधिसूचना से नौकरी नहीं छिन सकती: हाईकोर्ट
अदालत ने कहा कि सिर्फ एक अधिसूचना से सरकार विभिन्न विभागों में नियुक्त हो चुके अभ्यार्थियों को बिना नेचुरल जस्टिस का पालन किये सेवा से नहीं हटा सकती. अदालत ने एसआईटी जांच के मामले में नोडल अधिकारी बनाया है. वहीं नियुक्त अभ्यर्थियों की किसी तरह की परेशानियों के समाधान की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी रिटायर जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को दी गई है. अदालत ने कहा है कि अगर एसआईटी किसी अभ्यर्थी को अनावश्यक परेशान करती है, तो वे जस्टिस गौतम चौधरी के पास अपनी शिकायत कर सकते हैं. मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को 11:30 बजे से होगी.

अगली सुनवाई 7 अक्टूबर
अदालत ने सभी पक्षों की सहमति से मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की. राज्य सरकार की ओर से मामले में शपथ पत्र दायर किया गया जिस पर प्रति उत्तर दायर करने के लिए प्रार्थियों की ओर से समय देने का आग्रह किया गया, जिसे अदालत में स्वीकार कर लिया.

दोनों पक्षों ने अदालत में रखा अपना पक्ष
राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा व महाधिवक्ता रोहित राय ने पक्ष रखा, जबकि प्रार्थियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री पटवालिया, पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स एवं अन्य ने पैरवी की. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी आकाश गौरव एवं अन्य, निरोज खेस एवं अन्य की ओर से अलग-अलग याचिका दायर कर राज्य सरकार की योजना को चुनौती दी गई है.

 

#High Court

Source : Agency

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